CM Mohan Yadav: आदि गुरु शंकराचार्य की पावन दीक्षा स्थली ओंकारेश्वर पर एक विशेष और भव्य आयोजन होने जा रहा है। दरअसल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के एक्स हैंडल से ट्वीट शेयर किया गया है। जिससे जुड़ी जानकारी साझा की गई है। उन्होंने लिखा कि “आज जिला खंडवा में विराजमान श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन-पूजन कर देवाधिदेव महादेव से सबके लिए मंगलकामना की। बाबा के आशीर्वाद से प्रदेश समृद्धि और जनकल्याण के नित नए शिखर स्पर्श करे। हर हर महादेव”? शुभारंभ के दौरान CM Mohan Yadav ने कई प्रमुख मुद्दों पर अपनी बात खुलकर रखी।
CM Mohan Yadav ने ‘एकात्म पर्व’ का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री, एमपी के एक्स हैंडल से जानकारी दी गई थी। जिसमे लिखा गया था कि “मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आदि गुरु शंकराचार्य की पावन दीक्षा स्थली ओंकारेश्वर में 5 दिवसीय ‘एकात्म पर्व’ का विधिवत शुभारंभ किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने द्वारका पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वती जी को अंगवस्त्र, पुष्पमाला एवं आदि गुरु शंकराचार्य की प्रतिमा भेंट कर सम्मान अर्पित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आदि गुरु शंकराचार्य की पावन दीक्षा स्थली ओंकारेश्वर में 5 दिवसीय ‘एकात्म पर्व’ का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने द्वारका पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वती जी को अंगवस्त्र, पुष्पमाला एवं आदि गुरु शंकराचार्य की… pic.twitter.com/LGh624DRNN
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) April 17, 2026
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुस्तक प्रदर्शनी का अवलोकन कर वैदिक अनुष्ठान में सहभागिता की व एकात्म धाम की डिजिटल वेबसाइट का शुभारंभ भी किया”। साथ ही उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि “राजकीय विमानतल, भोपाल पर परमपूज्य द्वारका पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वती जी महाराज का आशीर्वाद मिला। इस अवसर पर उन्हें अंगवस्त्र और श्रीफल भेंट किए”।
मेरे लिए सौभाग्य एवं आत्मिक अनुभव का विषय – सीएम भगवंत मान
आद्य गुरु शंकराचार्य की पावन स्मृति एवं अद्वैत वेदान्त के सार्वभौमिक संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से एकात्म धाम, ओंकारेश्वर में आयोजित ‘आचार्य शंकर प्रकटोत्सव – एकात्म पर्व’ में आज सहभागिता करना, मेरे लिए सौभाग्य एवं आत्मिक अनुभव का विषय है।
यह उत्सव भारत की सनातन सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक विरासत और ‘एकात्म भाव’ के जागरण का दिव्य संगम है। यहाँ अद्वैत का संदेश हमें यह अनुभूति कराता है कि समस्त सृष्टि एक ही चेतना से ओत-प्रोत है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिर इस आयोजन में देश के प्रमुख संत, चिंतक और विद्वान शामिल होकर धर्म, सेवा और मानवता पर अपने विचार साझा कर रहे हैं। यह मंच विभिन्न परंपराओं के बीच संवाद और समन्वय को बढ़ावा दे रहा है।






