तालाबों का निर्माण, कूप संरचनाएं और प्याऊ की स्थापना! जल संरक्षण कर समृद्ध MP की ओर कदम बढ़ा रही Mohan Yadav सरकार, ऐसे होगा फायदा

मुख्यमंत्री Mohan Yadav के नेतृत्व वाली सरकार जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल संरक्षण पर जोर दे रही है। इसका फायदा आने वाले समय में अगली पीढ़ी को होगा।

Mohan Yadav

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

Mohan Yadav: मध्य प्रदेश में जल संरक्षण के लिए शुरू हुआ अभियान जोर पकड़ चुका है। 19 मार्च, 2026 को जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरुआत हुई जिसका उद्देश्य जल का संरक्षण करना है। इस अभियान के अंतर्गत सीएम मोहन यादव की सरकार मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में खेत तालाबों का निर्माण, कूप रिचार्ज संरचनाएं और जल मंदिया यानी प्याऊ की स्थापना पर जोर दे रही है। 100 दिवसीय अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण कर मोहन यादव सरकार समृद्ध एमपी की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इससे व्यापक तौर पर लाभ होगा और आने वाली पीढ़ियों को जल मिलेगा।

जल संरक्षण कर समृद्ध MP की ओर कदम बढ़ा रही Mohan Yadav सरकार

मध्य प्रदेश में इन दिनों शासन के निर्देशानुसार जल गंगा सवर्धन अभियान को गति दी जा रही है।

इस दौरान सूबे में जल संरक्षण करने का लक्ष्य रखा गया है। सीएम मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार जल संरक्षण कर समृद्ध एमपी की ओर कदम बढ़ा रही है। इस क्रम में अब तक शासन की ओर से 39977 खेत तालाबों का निर्माण कराया गया है। वहीं 59577 कूप रिचार्ज संरचनाएं, 21950 से अधिक जल संरचनाओं का पुनर्जीवन और 5.25 लाख से अधिक लोगों की सहभागिता के साथ जल संरक्षण अभियान को गति मिल रही है। मोहन यादव सरकार ने 2682 जल मंदिर (प्याऊ) स्थापित किए गए हैं। 19 मार्च को शुरू हुए इस अभियान को गति देते हुए सरकार जल संरक्षण कर समृद्ध एमपी की ओर कदम बढ़ा रही है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था के साथ कृषि उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य!

जल संरक्षण की मदद से किसानों के लिए पानी की उपलब्धता आसान हो सकेगी। इससे कृषि जगत के लिए इस्तेमाल होने वाला पानी मिलेगा। कृषक आसानी से अपने फसलों की सिंचाई के लिए पानी की इस्तेमाल कर सकेंगे। इतना ही नहीं, लघु स्तर पर व्यवसाय के लिए भी पानी की पहुंच आसान की जा सकेगी। सीएम मोहन यादव की सरकार की कोशिश है कि जल संवर्धन अभियान के तहत ग्रामीण अर्थव्यवस्था के साथ कृषि उत्पादन को बढ़ावा दिया जाए। इसका लाभ राज्य के लोगों को मिलेगा और वे सशक्त हो सकेंगे।

Exit mobile version