Mohan Yadav: मध्य प्रदेश में ‘सुगम संपर्कता परियोजना’ से सड़क कनेक्टिविटी में होगी वृद्धि, स्थानीय अर्थव्यवस्था को ऐसे मिलेगी मजबूती

Mohan Yadav: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ‘सुगम संपर्कता परियोजना’ के जरिए प्रदेशवासियों को बेहतर सड़क कनेक्टिविटी देने का प्रयास कर रही है। साथ ही एमपी सरकार की इस पहल से लोगों को कई तरह के लाभ मिल सकते हैं।

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Mohan Yadav: मध्य प्रदेश को तरक्की की राह पर लेकर जाने के लिए सीएम मोहन यादव पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हैं। इसी क्रम में एमपी की बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी की सरकार ‘सुगम संपर्कता परियोजना’ के जरिए प्रदेशवासियों को बड़ी राहत पहुंचा रही है। बता दें कि एमपी सरकार की इस पहल के माध्यम से राज्य के निवासियों को कई तरह के लाभ होने की आशंका है। इस पहल के जरिए जहां एक तरफ, लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। वही, दूसरी ओर दो शहरों के बीच की दूरी भी कम होगी।

मोहन यादव सरकार की ‘सुगम संपर्कता परियोजना’ से बेहतर होगी सड़क कनेक्टिविटी

बीजेपी के सीनियर लीडर और एमपी के सीएम मोहन यादव ने अपनी एक्स पोस्ट में बताया, ‘सुगम संपर्कता परियोजना’ मध्य प्रदेश की सड़क कनेक्टिविटी में वृद्धि करेगी। इसके तहत बनने वाली सड़कें गांवों और मजरों को शहर से सीधे जोड़ेंगी। स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।’

मालूम हो कि एमपी सरकार की इस योजना के जरिए प्रदेश के दूर-दराज के इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क और परिवहन नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी। इस पहल का मुख्य मकसद राज्य के निवासियों को बेहतर और सुगम आवाजाही प्रदान करना है। साथ ही राज्य के किसानों को अपनी उपज बाजार तक आसानी से पहुंचाने में मदद मिलेगी। इस योजना के जरिए छात्रों और मरीजों के लिए बेहतर पहुंच उपलब्ध कराना है। इसके अलावा, इस पहल के माध्यम से राज्य में उद्योग और निवेश को बढ़ावा देना है।

सीएम मोहन यादव की खास पहल से स्थानीय इकोनॉमी को मिल सकता है बूस्ट

बता दें कि मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ‘सुगम संपर्कता परियोजना’ के तहत नई सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। खराब सड़कों का सुधार और चौड़ीकरण करना, प्रदेश के पुल-पुलिया का निर्माण करना और ग्रामीण इलाकों में लोगों के लिए ऑल-वेदर रोड कनेक्टिविटी प्रदान करना। इस योजना के तहत किसी एक रास्ते के बंद होने के बाद वैकल्पिक मार्ग का ऑप्शन सफर को सुविधाजनक बना सकता है। इससे ट्रैफिक और दूरी दोनों कम होंगे।

साथ ही प्रगति पर चल रहे कार्यों की नियमित तौर पर मॉनिटरिंग की जाएगी। इस पहल के तहत मार्गों की गुणवत्ता के साथ कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। इस पहल में ध्यान रखा जाएगा कि किसी भी मार्ग का चयन करते वक्त दोहराव नहीं हो। बताया जा रहा है कि इस योजना के तहत दो जिला स्तरों पर स्थानीय जरूरत के हिसाब से मार्ग का निर्माण किया जाएगा। इस तरह से एमपी की सड़कें देश की सबसे स्मार्ट सड़के साबित होगी।

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