Mohan Yadav: सीएम मोहन यादव की अगुवाई में मध्य प्रदेश दिन-रात तरक्की के नए द्वार खोल रहा है। बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन की सरकार समाज के हर वर्ग के लिए शानदार कार्य कर रही है। एमपी में किसानों के साथ ही महिलाओं और उद्योगपतियों को भी बराबरी के साथ प्रदेश के विकास में शामिल किया जा रहा है। साथ ही एमपी सरकार प्रदेश के युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी प्रदान कर रही है। इसके लिए मोहन सरकार निवेश लाने के नए-नए तरीके खोज रही है। सरकार ने इस संबंध में नई औद्योगिक नीतियों को भी लागू किया है।
सीएम मोहन यादव मध्य प्रदेश को बना रहे निवेश का नया हब
किसी भी राज्य को विकसित बनाने के लिए निवेश की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। यही वजह है कि मोहन यादव सरकार मध्य प्रदेश को निवेश और नवाचार का नया हब बना रही है। इसके लिए एमपी सरकार 26 औद्योगिक नीतियों को लागू करके निवेश को प्रोत्साहन दे रही है। साथ ही निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। वहीं, बीजेपी सरकार राज्य में उद्योग स्थापना के लिए मजबूत आधार बना रही है। मोहन सरकार उद्योग जगत को पर्याप्त बिजली और जल की आपूर्ति कर रही है। साथ ही आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतरीन कनेक्टिविटी प्रदान कर रही है।
मालूम हो कि साल 2025 में मध्य प्रदेश देश के टॉप निवेश आकर्षित करने वाले राज्यों में शामिल रहा। हाल के वर्षों में 7800 करोड़ रुपये से अधिक का एफडीआई आया है। इससे नौकरियों के नए अवसर पैदा हुए हैं। साथ ही फार्मा, फूड प्रोसेसिंग, रिन्यूएबल एनर्जी जैसे सेक्टर तेजी से बढ़ रहे हैं।
निवेश और नवाचार का नया हब ‘मध्यप्रदेश’
➡️ 26 औद्योगिक नीतियों से निवेश को प्रोत्साहन
➡️ उद्योग स्थापना के लिए सशक्त आधार @DrMohanYadav51 @Industryminist1 #CMMadhyaPradesh pic.twitter.com/v0GP4ecNMk— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) April 21, 2026
मोहन यादव सरकार इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर को कर रही मजबूत
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार नए इंडस्ट्रिल पार्क और बेल्ट बना रही है। सरकार के इस कदम के पीछे मकसद साफ है कि राज्य में इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करना है। यही वजह है कि एमपी सरकार केंद्र सरकार की पीएम मित्रा जैसे बड़े टेक्सटाइल प्रोजेक्ट में 21000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश करने की योजना बना रही है। बीजेपी सरकार के इस कदम से लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन सेक्टर में भी बड़े निवेश की तैयारी चल रही है। ऐसे में यह तो निर्धारित है कि इससे रोजगार और उत्पादन दोनों बढ़ रहे हैं।
