CM Mohan Yadav मध्य प्रदेश को देंगे विकास की नई सौगात, 1000 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण से एमपी को मिलेगी नई रफ्तार

Mohan Yadav: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार वीरवार को प्रदेशवासियों को विकास की नई सौगात प्रदान करेगी। 1000 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया जाएगा।

Mohan Yadav

Photo Credit: Google

Mohan Yadav: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार राज्य के सभी वर्गों को बराबरी के साथ विकास की यात्रा में शामिल कर रही है। बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली एमपी सरकार ने महिलाओं, युवाओं और किसानों से लेकर सभी वंचितों और जरूरतमंद निवासियों की मदद करने का प्रयास किया है। सीएम मोहन यादव लगातार राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर बल दे रहे हैं। इसी क्रम में एमपी सरकार प्रदेश के विकास को नई गति प्रदान कर रही है। सीएम मोहन ने प्रदेशवासियों को खुशखबरी देते हुए अहम जानकारी साझा की है।

सीएम मोहन यादव मध्य प्रदेश को देंगे विकास की नई सौगात

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के चीफ मिनिस्टर मोहन यादव कृषि उपज मंडी, सिवनी मालवा में 16 अप्रैल, 2026, गुरुवार को नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग के 972.16 करोड़ रुपये के उन्नयन एवं पुनर्निर्माण कार्य का भूमि-पूजन करेंगे। साथ ही 106.34 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया जाएगा। विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण होगा। इस तरह से कुल 1078 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण होगा। राज्य में सड़कों के विस्तार से समृद्धि और खुशहाली का मार्ग प्रशस्त होता है। विकास की नई सौगात से एमपी विकसित राज्य बनने के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है।

‘महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण का नया युग आरंभ हो रहा है’- सीएम मोहन यादव

वहीं, बीते दिन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण का नया युग आरंभ हो रहा है। आज रवींद्र भवन, भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय ‘नारी शक्ति वंदन’ कार्यक्रम में बहनों से संवाद किया। मध्यप्रदेश नारी शक्ति के वंदन का उदाहरण है।’

उन्होंने आगे कहा, ‘प्रदेश के नगरीय निकायों में बहनों को 50% आरक्षण दिया जा रहा है। प्रदेश के आधे से अधिक स्थानीय निकायों की कमान बहनें संभाल रही हैं। अब लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण का ऐतिहासिक निर्णय नारी सशक्तिकरण की दिशा में सबसे बड़ा कदम सिद्ध होगा।’

Exit mobile version