Mohan Yadav: इंदौर में सजेगा वैश्विक मंच, 5 दिन चलेगा ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों का सम्मेलन, कई नीति निर्धारक लोग होंगे शामिल

Mohan Yadav: मध्य प्रदेश के इंदौर में ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। 5 दिवसीय कार्यक्रम में 21 देशों के मंत्री, कृषि वैज्ञानिक और नीति निर्धारक लोग शामिल होंगे।

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Mohan Yadav: मध्य प्रदेश में किसानों की भलाई के लिए बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी की सरकार लगातार हितकारी कदम उठा रही है। एमपी के सीएम मोहन यादव ने अब तक अपने कार्यकाल के दौरान अन्नदाताओं की जीवनशैली बेहतर करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। ऐसे में अब प्रदेश में ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। राज्य की आर्थिक राजधानी यानी इंदौर वैश्विक कृषि संवाद का केंद्र बनेगी। इस संबंध में खास तैयारियां शुरू हो चुकी है। माना जा रहा है कि इस कृषि सम्मेलन के जरिए राज्य के किसानों को कई तरह के लाभ मिल सकते हैं।

मोहन यादव सरकार ने शुरू की ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों के सम्मेलन की तैयारियां

इंदौर में होने वाले ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों के सम्मेलन में 21 देशों के मंत्री, कृषि वैज्ञानिक और नीति निर्धारक लोग शामिल होंगे। यह खास कार्यक्रम 9 से 13 जून तक चलेगा। इस 5 दिवसीय आयोजन के दौरान कृषि से संबंधित कई अहम निर्णय लिए जा सकते हैं।

बता दें कि ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों का सम्मेलन 2 हिस्सों में आयोजित होगा। इसके पहले चरण 9 से 11 जून के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों और कृषि विशेषज्ञों की बैठक होगी। जबकि दूसरे फेज 12 और 13 जून के दौरान कृषि मंत्रियों की मुख्य बैठक को आयोजित किया जाएगा। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में खाद्य सुरक्षा, स्मार्ट कृषि, जलवायु परिवर्तन, कृषि व्यापार, डिजिटल कृषि तकनीक, किसान कल्याण और सतत विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

मोहन यादव सरकार को भरोसा, कृषि सम्मेलन से बेहतर होगी किसानों की जीवनशैली

वहीं, ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों के सम्मेलन से पहले मध्य प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार इस आयोजन की तैयारियों में जुटी हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर में बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

गौरतलब है कि ब्रिक्स कृषि मंत्रियों का सम्मेलन 2026 से मध्य प्रदेश के किसानों को कई बड़े लाभ मिलने की उम्मीद है। यह सम्मेलन केवल कूटनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि कृषि तकनीक, निवेश और वैश्विक सहयोग बढ़ाने का बड़ा अवसर माना जा रहा है। खेती में नई तकनीक को बढ़ावा देना, फसल उत्पादकता में सुधार समेत आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार और वैल्यू एडिशन के जरिए किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में नई संभावनाएं तलाशी जाएंगी। यही वजह है कि एमपी के किसानों की लाइफ बेहतर करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं।

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