Mohan Yadav: शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक में शिक्षा सुविधाओं का विस्तार हुआ है। सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदली है। बच्चों को विद्यालयों से जोड़ने और शिक्षा दर बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ये हाल मध्य प्रदेश का है जहां सीएम मोहन यादव के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार है।
इसी क्रम में मोहन यादव सरकार ने शिक्षा का अधिकार यानी आरटीई के तहत निजी स्कूलों में भी गरीब बच्चों के मुफ्त प्रवेश की मुहिम शुरू की है। इसके तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 में एक लाख से अधिक बच्चों का चयन हुआ है। ये सभी मुफ्त में निजी स्कूलों में दाखिला लेकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल कर सकेंगे और विकसित एमपी की नींव मजबूत करेंगे।
सीएम Mohan Yadav की पहल से लाखों बच्चों का मुफ्त प्रवेश!
आरटीई के तहत मध्य प्रदेश सरकार ने गरीब तबके से आने वाले बच्चों को निजी स्कूलों में मुफ्त दाखिला देने की घोषणा की है। इसके तहत इस वर्ष भी आवेदन पूर्ण हुए। अंतत: पारदर्शिता के साथ नतीजों की घोषणा हुई। इसके तहत कुल 106051 बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों में हुआ है। इन सभी बच्चों के लिए स्कूल आवंटन की प्रक्रिया जारी है।
हर बच्चे तक शिक्षा, हर सपने को उड़ान 📚✨
RTE के तहत मध्यप्रदेश में 1,06,051 बच्चों को निजी स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश@DrMohanYadav51 @schooledump #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh pic.twitter.com/NHx8M9jJ5c
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) April 7, 2026
बच्चों के अभिवावकों तक एसएमएस के माध्यम से नतीजों की जानकारी दी जा रही है। साथ ही दाखिले के लिए चयनित बच्चों का स्कूल आवंटन भी शीघ्र किया जा रहा है। शैक्षणिक वर्ष 2026-27 में 54746 बालक, 51305 बालिकाओं का मुफ्त प्रवेश होगा। चिन्हित निजी स्कूलों में नर्सरी, केजी और कक्षा 1 में 25 फीसदी सीटों पर कमजोर वर्ग के बच्चों का एडमिशन होगा। 15 अप्रैल से पहले बच्चे दाखिला की प्रक्रिया को पूरा करा सकते हैं।
बच्चों के सपनों को उड़ान दे रही MP सरकार
मध्य प्रदेश सरकार राज्य में आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के सपनों को उड़ान दे रही है। ऐसे तमाम बच्चे जो गरीब परिवेश से आते हैं और अच्छे स्कूलों में पढ़ने को इच्छुक हैं। उन्हें आरटीई के तहत नर्सरी, केजी और कक्षा 1 में निजि स्कूलों में मुफ्त दाखिला दिया जा रहा है। इसके लिए आरटीई पोर्टल पर आवेदन कर लॉटरी के माध्यम से नतीजों की घोषणा की जाती है।
चयनित बच्चों के लिए निजी स्कूलों में कक्षा 12वीं तक मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रावधान है। ये दर्शाता है कि कैसे मध्य प्रदेश सरकार गरीब बच्चों के सपनों को उड़ान देने का काम कर रही है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में इसका असर भी देखने को मिला है और एक लाख से अधिक बालक-बालिकाएं मुफ्त दाखिले के लिए चयनित किए गए हैं।






