Mohan Yadav: ग्रामीण इलाकों मे बेटियों को सशक्त करने की दिशा में मध्य प्रदेश सरकार कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में ‘गांव की बेटी योजना’ का संचालन भी हो रहा है। इस योजना के तहत अच्छे नंबर से 12वीं पास करने वाली बेटियों को छात्रवृत्ति मुहैया कराई जाती है। सीएम मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार परीक्षा परिणाम की घोषणा के बाद बेटियों से योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन की अपील कर रही है। ‘गांव की बेटी योजना’ का लाभ उठाने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 मई निर्धारित की गई है। इससे पहले ग्रामीण परिवेश से आने वाली बेटियां आवेदन कर योजना का लाभ उठा सकती हैं।
ग्रामीण बेटियों के सपनों को उड़ान दे रही Mohan Yadav सरकार!
सीएम मोहन यादव के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार ग्रामीण बेटियों के सपनों को उड़ान दे रही है।
ग्रामीण बेटियों के सपनों को मिलेगी नई उड़ान
गांव की बेटी योजना का लाभ पाने के लिए बेटियां तुरंत करें आवेदन
अंतिम तिथि: 15 मई 2026#MadhyaPradesh pic.twitter.com/icFteIScAc
— Higher Education Department, MP (@highereduminmp) April 16, 2026
इस क्रम में गांव की बेटी योजना को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। ग्रामीण परिवेश से आने वाली बेटियों से सरकार की अपील है कि वे 15 मई से पहले योजना लाभ उठाने के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरा कर लें। गांव की बेटी योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन करने हेतु स्कॉलरशिप पोर्टल 2.0 पर जाना होगा। इस साइट पर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। ऐसी बेटियां जिन्होंने इस वर्ष 60 फीसदी से अधिक नंबर लाकर 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है, वे योजना का लाभ ले सकती हैं। आवेदन के दौरान आधार कार्ड, 12वीं मार्कशीट, फोटो, गांव की बेटी प्रमाणपत्र आदि जैसे दस्तावेज का होना अनिवार्य है।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को मिलेगी छात्रवृत्ति
ऐसी तमाम छात्राएं जो मध्य प्रदेश में ग्रामीण पृष्ठभूमि से आती हैं। उनमें से जितनी छात्राओं ने भी 12वीं की परीक्षा में 60 फीसदी या इससे अधिक अंक हासिल किया है, तो मोहन यादव सरकार उन्हें लगातार 10 महीने तक 500 रुपए की छात्रवृत्ति मुहैया कराएगी। ऐसी छात्राओं के बैंक खाते में लगातार 10 महीने तक 500 रुपए की धनराशि पहुंचेगी। इसका कुल योग 5000 रुपए हुआ जो ग्रामीण परिवेश से आने वाली छात्राओं की आगे की पढ़ाई में कारगर साबित होगा। यही वजह है कि सरकार पूरी जोर-शोर से अंतिम तबके तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए प्रयासरत है।
