प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही Mohan Yadav सरकार! कृषि सखी के साथ इन किसानों को आर्थिक अनुदान मुहैया करा कर रही सशक्त

सीएम Mohan Yadav के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार सूबे में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का काम कर रही है। इस क्रम में किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त भी किया जा रहा है।

Mohan Yadav

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

Mohan Yadav: किसानों को सशक्त करने की दिशा में मध्य प्रदेश सरकार पूरी तत्परता से काम कर रही है। इसी क्रम में अन्नदाताओं के लिए आर्थिक अनुदान, कृषि यंत्र पर सब्सिडी, खाद्य-बीज आदि की उपलब्धता आदि सुनिश्चित कराई जा रही है। सीएम मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार ने एक और मुहिम को रफ्तार देते हुए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का काम किया है।

नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत सीएम मोहन यादव की सरकार इसे गति दे रही है। इसके तहत तीन हजार से अधिक कृषि सखी और किसानों को आर्थिक अनुदान मुहैया कराया जा रहा है। मध्य प्रदेश सरकार के इस कदम से जहां एक ओर किसान सशक्त हो रहे हैं, वहीं लोगों तक केमिकल पदार्थों से मुक्त अनाज भी पहुंच रहा है।

MP में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही Mohan Yadav सरकार! 

सीएम मोहन यादव के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है।

इसी क्रम में किसानों को जागरुक कर प्राकृतिक खेती से जोड़ा जा रहा है। इसका असर ये है कि 1513 क्लस्टरों में 189125 किसान प्राकृतिक खेती का रुख कर चुके हैं। इन सभी किसानों को मोहन यादव सरकार हर वर्ष अनुदान देती है। वार्षिक अनुदान की रकम 4000 रुपए प्रति एकड़ है जो किसानों को सशक्त करने का काम कर रही है।

सरकार द्वारा कृषि मित्र भी चुने जा रहे हैं जिन्हें आर्थिक अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के क्रम में सरकार अब तक 3026 कृषि सखी का चयन कर चुकी है। सभी कृषि सखी को 5000 रुपए प्रतिमाह की दर से मानदेय उपलब्ध कराया जा रहा है। मध्य प्रदेश सरकार के ये कदम प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के क्रम में उठाए कदमों को दर्शाते हैं।

अन्नदाताओं को सशक्त करने की दिशा में उठाया कदम!

एमपी सरकार ने राज्य के अन्नदाताओं को सशक्त करने की दिशा में ये कदम उठाया है। प्राकृतिक खेती आज के दिन में ज्यादा लाभकारी हो रही है। इसमें लागत कम और लाभ ज्यादा मिलने का दावा है। यही वजह है कि सीएम मोहन यादव की सरकार किसानों को प्रोत्साहित करते हुए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का काम कर रही है। इसी क्रम में उन्हें आर्थिक अनुदान भी मुहैया कराया जा रहा है, ताकि वे सशक्त होकर कृषि जगत को नई ऊंचाई दे सकें।

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