किसानों को समृद्ध कर विकास को नई दिशा दे रही Mohan Yadav सरकार! गेहूं उपार्जन से लेकर तकनीक, सिंचाई पर जोर देकर बदली तस्वीर

सीएम Mohan Yadav के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार किसानों को सशक्त करने का काम कर रही है। इस क्रम में गेहूं उपार्जन से लेकर फसलों के विविधीकरण और आधुनिक तकनीक पर पूरा जोर है।

Mohan Yadav

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

Mohan Yadav: मध्य प्रदेश में किसानों को सशक्त करने की कोशिश लगातार जारी है। इस क्रम में राज्य सरकार की ओर से कई सारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। सीएम मोहन यादव के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को समृद्ध करने की दिशा में कई सारे प्रयास किए हैं। वर्ष 2026 को किसान कल्याण के लिए समर्पित करते हुए मोहन यादव सरकार ने गेहूं उपार्जन पर जोर दिया है। इससे इतर फसलों की सिंचाई, नवाचरण, कृषि के आधुनिक तकनीक और विविधीकरण पर जोर दिया जा रहा है। ये सारे प्रयास किसानों को सशक्त करने और सूबे की विकास को नई दिशा के लिए किए जा रहे हैं।

MP के विकास को नई दिशा दे रही Mohan Yadav सरकार!

सीएम मोहन यादव के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार राज्य के विकास को नई दिशा देने का काम कर रही है।

इस क्रम में कृषक कल्याण के लिए कई सारे कार्य किए गए हैं। किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन किया गया है। गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन रखा गया है। अब गेहूं उपार्जन सप्ताह में 6 दिन हो रहा है और स्लॉट बुकिंग 9 मई तक बढ़ा दी गई है। सिंचाई से लेकर कृषि तकनीक और फसलों के विविधीकरण पर लगातार जोर है। सरकार उड़द पर एमएसपी के साथ बोनस देकर सरसों पर भी भावान्तर योजना का लाभ दे रही है। कृषि भूमि अधिग्रहण पर किसानों चार गुना मुआवजा दिया जा रहा है।

इससे किसी भी सरकारी परियोजना के लिए भूमि देने वाले किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। सीएम मोहन यादव की सरकार प्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने की दिशा में काम कर रही है। इस क्रम में 1752 नई दुग्ध समितियों का गठन हुआ है। प्रतिदिन दूध संकलन 10 लाख किग्रा से अधिक है। दुग्ध उत्पादक किसानों को 1600 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। वहीं किसानों के लिए यूरिया के साथ अन्य उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। ये मोहन यादव सरकार के प्रयासों को दर्शाता है।

गेहूं उपार्जन से लेकर सिंचाई और फसल विविधीकरण पर जोर!

सरकार का पूरा जोर मध्य प्रदेश में अधिक से अधिक गेहूं उपार्जन पर है। इस दिशा में कृषि विभाग पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रहा है। गेहूं उपार्जन से इतर सरकार किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए तमाम माध्यम उपलब्ध करा रही है। सोलर पंप से लेकर अन्य तमाम विकल्प किसानों के पास हैं। वहीं फसल विविधीकरण पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि मिट्टी की उर्वरक क्षमता बनी रहे और फसलों का उत्पादन न प्रभावित हो। सीएम मोहन यादव की सरकार द्वारा ये सारे प्रयास किसानों को सशक्त करने के लिए किया जा रहा है।

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