महाकाल नगरी को साइंस सिटी के रूप में विकसित करेगी Mohan Yadav सरकार! AI और इनोवेशन के नए हब से विकास को मिलेगी दिशा

सीएम Mohan Yadav के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार उज्जैन को साइंस सिटी के रूप में विकसित कर संभावनाओं के द्वार खोलेगी। इससे युवाओं को लाभ मिलेगा और संभावनाओं के तमाम द्वार खुलेंगे।

Mohan Yadav

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

Mohan Yadav: मध्य प्रदेश के विकास को नया आयाम देने का प्रयास जारी है। इस क्रम में सीएम मोहन यादव की सरकार द्वारा तमाम कार्य किए जा रहे हैं। योजनाओं का लाभ अंतिम तबके तक पहुंचाया जा रहा है, ताकि लोग सशक्त होकर मध्य प्रदेश के विकास की नींव को मजबूत कर सकें। इसी क्रम में राज्य सरकार महाकाल की नगरी उज्जैन को साइंस सिटी के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। भोपाल को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इनोवेशन का नया हब बना चुकी मोहन यादव सरकार का लक्ष्य है कि उज्जैन की तस्वीर बदले और चकाचौंध बढ़े।

उज्जैन को साइंस सिटी के रूप में विकसित करेगी Mohan Yadav सरकार

इस दिशा में मध्य प्रदेश की राज्य सरकार की ओर से तमाम तरह के प्रयत्न किए जा रहे हैं।

सीएम मोहन यादव की सरकार ने महाकाल की नगरी उज्जैन में लगभग 15 करोड़ रुपए की लागत से एक आधुनिक विज्ञान केंद्र बनाया है। इसमें 4 प्रमुख दीर्घाओं के साथ 3D स्टूडियो और इनोवेशन लैब भी है। सरकार की कोशिश है कि उज्जैन को राज्य की साइंस सिटी के रूप में विकसित किया जाए। इस क्रम में तमाम प्रयत्न जारी हैं। उज्जैन में भ्रम (Illusion) गैलरी, उछलती गेंद और ‘अंतहीन कुआं’ जैसे कई मजेदार मॉडल्स हैं, जो विज्ञान को रोचक बनाते हैं। इससे नौजवानों की समझ बढ़ रही है और शहर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

भोपाल में रखी जाएगी नॉलेज और AI सिटी की नींव

प्रदेश की राजधानी भोपाल में नॉलेज और एआई सिटी की नींव रखी जाएगी। ये मध्य प्रदेश का पहला नॉलेज और एआई सिटी होगा। इससे अवसरों के तमाम द्वार खुलेंगे। ऐसे तमाम युवा जो एआई के क्षेत्र में अपनी संभावनाएं तलाश रहे हैं, उनके सपनों को उड़ान मिलेगी। साथ ही भोपाल की विकास को चार चांद लगेगा और स्वरोजगार के अवसरों का सृजन होगा। सीएम मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार प्रदेश के पहले नॉलेज और एआई सिटी के लिए भोपाल को चुनकर लोगों को बड़ा तोहफा देने का काम कर रही है।

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