गेहूं के साथ मूंग-उड़द पर MSP और बोनस का प्रावधान! MP के किसानों को सशक्त कर विकास को नई दिशा दे रही Mohan Yadav सरकार

सीएम Mohan Yadav के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार किसानों को सशक्त करने का काम कर रही है। इसी क्रम में गेहूं के साथ मूंग-उड़द जैसी फसलों की खरीदारी MSP पर करते हुए सरकार अन्नदाताओं को बोनस भी उपलब्ध करा रही है।

Mohan Yadav

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

Mohan Yadav: किसानों को सशक्त करने की दिशा में मध्य प्रदेश सरकार लगातार कदम बढ़ा रही है। इसी कड़ी में फसलों की खरीदारी के बाद किसानों के खाते में सीधे भुगतान की राशि पहुंच रही है। किसानों को सशक्त करते हुए ही सीएम मोहन यादव की सरकार गेहूं की खरीदारी पर एमएसपी के साथ 40 रुपए प्रति क्विंटल की दर से बोनस उपलब्ध करा रही है। इतना ही नहीं, सरकार की ओर से उड़द और मूंग की फसल भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जा रहा है। इस दौरान उड़द पर 600 रुपए प्रति क्विंटल की दर से बोनस भी दिया जा रहा है।

किसानों को सशक्त कर विकास को नई दिशा दे रही Mohan Yadav सरकार

सीएम मोहन यादव के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार राज्य में किसानों को सशक्त कर कृषि विकास को नई दिशा दे रही है।

मध्य प्रदेश सरकार की ओर से गेहूं की खरीदारी पर 2585 रुपए प्रति क्विंटल की दर से न्यूनतम समर्थन मूल्य उपलब्ध कराया जा रहा है। इस दौरान 40 रुपए की बोनस राशि भी किसानों को प्रति क्विंटल की दर से दी जा रही है। धान पर भी सीएम मोहन यादव की सरकार 4000 रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से प्रोत्साहन राशि किसानों को उपलब्ध करा रही है। इससे इतर मूंग, उड़द की खरीदारी भी एमएसपी पर हो रही है। उड़द पर एमएसपी के अतिरिक्त 600 रुपए प्रति क्विंटल की दर से बोनस दिया जा रहा है। वहीं सरसों को भी भावांतर भुगतान योजना में शामिल किया गया है। ये सारे प्रयास किसानों को सशक्त करने के लिए किए जा रहे हैं।

वित्तिय सहायता के साथ सब्सिडी योजनाओं ने बदली तस्वीर

किसानों तक आज कई प्रमुख योजनाओं की मदद से वित्तिय सहायता पहुंच रही है। पीएम किसान सम्मान निधि उनमें से एक है। इससे इतर सीएम मोहन यादव की सरकार कृषि अनुदान पोर्टल के जरिए ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और अन्य आधुनिक उपकरणों की खरीदारी पर भारी सब्सिडी दे रही है। 2026-27 बजट में किसानों के लिए ब्याज मुक्त कर्ज का प्रावधान भी है। फसलों की सिंचाई के लिए सोलर पंप, निर्बाध बिजली आपूर्ति जैसे पहलुओं पर ध्यान रखे जा रहे हैं। इन सारे प्रयासों ने कृषि जगत की तस्वीर बदली है। आज मध्य प्रदेश के किसान सशक्त होकर सूबे के विकास को नई दिशा दे रहे हैं।

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