Mahaparinirvan Diwas 2025: संविधान निर्माता ‘बाबासाहेब’ के बारे में ये 5 प्रमुख बातें नहीं जानते होंगे आप, पुण्यतिथि पर जानें कैसे हुई थी मृत्यु

Mahaparinirvan Diwas 2025: भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की शनिवार को पुण्यतिथि मनाई जा रही है। इस मौके पर जानिए उनसे जुड़ी हुई 5 ऐसी बातें, जो शायद आप अभी तक नहीं जानते होंगे।

Mahaparinirvan Diwas 2025

Mahaparinirvan Diwas 2025, Photo Credit: Google

Mahaparinirvan Diwas 2025: भारत के संविधान बनाने वाले भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर को हर साल 6 दिसंबर को याद किया जाता है। आज ही के दिन उनकी पुण्यतिथि होती है। ऐसे में इस दिन को महापरिनिर्वाण दिवस के तौर पर याद किया जाता है। यह तो आप जानते ही होंगे, मगर क्या आप जानते हैं कि बाबासाहेब की मृत्यु के बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं। इसी रहस्य को आज इस खबर के जरिए जानने की कोशिश करते हैं। इतना ही नहीं, इस आर्टिकल में आगे जानिए कि आखिर किस तरह से उनकी ये 5 बातें आपके होश उड़ा सकती हैं।

Mahaparinirvan Diwas 2025: नींद में ही हो गया था बाबासाहेब का निधन

कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की हेल्थ इतनी खराब हो गई थी कि 6 दिसंबर 1955 को उन्होंने नींद में ही अपने प्राण त्याग दिए। हालांकि, कई अन्य रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि बाबासाहेब का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। इस बात पर आज भी अलग-अलग दावें किए जाते हैं।

वहीं, बाबासाहेब ने काफी लोगों को अपनी शिक्षा और विचारों से प्रभावित करते हैं। इतना ही नहीं, आज भी बीआर अंबेडकर की विचारधारा को काफी करीब से फॉलों करते हैं। बाबासाहेब ने देश के लोगों को कई नारे दिए, जिनमें “मुझे वह धर्म पसंद है जो स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व सिखाता है” और “जीवन लंबा नहीं, महान होना चाहिए” और “मनुष्य महान बनता है अपने कर्मों से, जन्म से नहीं।”

महापरिनिर्वाण दिवस 2025 जानिए 5 प्रमुख बातें

पीएम मोदी ने बाबासाहेब को किया याद

वहीं, महापरिनिर्वाण दिवस 2025 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबासाहेब को याद किया। पीएम मोदी ने एक्स यानी ट्विटर पर अपनी पोस्ट में लिखा, ‘महापरिनिर्वाण दिवस पर डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर को याद कर रहे हैं। उनकी दूरदर्शी लीडरशिप और न्याय, समानता और संविधान के प्रति अटूट कमिटमेंट हमारे देश की यात्रा में हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे। उन्होंने कई पीढ़ियों को इंसान की गरिमा बनाए रखने और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया। उम्मीद है कि उनके आदर्श हमारे रास्ते को रोशन करते रहेंगे, जैसे-जैसे हम एक विकसित भारत बनाने की दिशा में काम करेंगे।’

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