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Sonali Khatun पर बंगाल से दिल्ली तक हो-हल्ला के बीच चर्चा में SC का रुख! गर्भवती महिला को बांग्लादेश से भारत लाने पर क्या बोला केन्द्र? जानें

पति और 8 साल के बच्चे के साथ बांग्लादेश निर्वासित की गई Sonali Khatun को भारत लाने और मुफ्त चिकित्सा सुविधा मुहैया उपलब्ध कराने का निर्देश जारी किया गया है। बंगाल से दिल्ली तक हो-हल्ला मचने का कारण बनी सोनाली खातून को सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से राहत मिलने के आसार हैं।

By: Gaurav Dixit

On: गुरूवार, दिसम्बर 4, 2025 2:59 अपराह्न

Sonali Khatun
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Sonali Khatun: मामला पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों का विषय बन गया है। यहां बात 9 माह की गर्भवती महिला सोनाली खातून के संदर्भ में हो रही है जिन्हें जून में दिल्ली से बांग्लादेश भेज दिया गया। सोनाली खातून के साथ उसके पति दानिश शेख और 8 साल के बेटे को भी बॉर्डर पार भेजा गया। इन सभी के बांग्लादेशी नागरिक होने का दावा है जिसको लेकर कार्रवाई हुई है।

अंतत: मामला कोर्ट में है जिसपर सुनवाई करते हुए जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जयमाल्य बागची की बेंच ने सोनाली खातून को भारत लाने और उसे फ्री मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। केन्द्र ने मानवीय आधार पर सोनाली खातून को मदद मुहैया कराने का आश्वासन दिया है। मालूम हो कि सोनाली खातून समेत कई अन्य लोगों को दिल्ली के रोहिणी इलाके के सेक्टर 26 से बांग्लादेश भेजने का आरोप है जिसको लेकर राष्ट्रीय राजधानी से बंगाल तक हो-हल्ला मच चुका है।

गर्भवती महिला Sonali Khatun को बांग्लादेश से भारत लाने पर क्या बोला केन्द्र?

सुप्रीम कोर्ट की दखल के बाद केन्द्र सरकार बांग्लादेश डिपोर्ट की गई सोनाली खातून को भारत लाने के लिए तैयार हुई है। इस दिशा में केन्द्र की ओर से पेश हुए सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता का कहना है कि मानवीय आधार पर गर्भवती महिला और उसके बच्चे को देश में प्रवेश दिया जाएगा और निगरानी में रखा जायेगा।

तुषार मेहता ने ये भी स्पष्ट किया है कि केन्द्र सोनाली खातून के भारतीय नागरिक होने के दावे को चुनौती देगा और उन्हें बांग्लादेशी नागरिक ही मानेगा। सरकार सिर्फ मानवीय आधार पर उस महिला और उसके बच्चे को भारत में आने की अनुमति दे रही है। ऐसे में ये साफ है कि भारतीय नागरिकता के लिए लड़ाई लड़ रही सोनाली खातून का भविष्य अभी अधर में है।

सोनाली खातून पर दिल्ली से बंगाल तक हो-हल्ला!

पूरा मामला जून के आखिरी दिनों का है जब दिल्ली के रोहिणी में स्थित सेक्टर 26 से अवैध नागरिकता का आरोप लगाकर कई लोगों को बांग्लादेश निर्वासित किया गया। इसमें सोनाली खातून नामक महिला को उसके पति दानिश शेख और 8 साल के बच्चे के साथ बांग्लादेश भेजा गया। सोनाली खातून उस भोदू शेख की बेटी हैं जो भारतीय नागरिक हैं। इसी को लेकर बंगाल से दिल्ली तक हो-हल्ला मचा।

ममता बनर्जी भी पूरे प्रकरण को लेकर फ्रंटफुट पर आईं और केन्द्र से सवाल पूछा कि क्या सोनाली खातून को बंगाली होने की सजा दी जा रही है? ममता बनर्जी ने अंतिम क्षण तक सोनाली खातून या अन्य उन तमाम बंगाली लोगों के हक की लड़ाई लड़ने को कहा है जिन्हें बांग्लादेश निर्वासित किया गया है। इस प्रकरण को लेकर बंगाल से दिल्ली तक खूब संग्राम देखने को मिला। अंतत: देखना दिलचस्प होगा कि सोनाली खातून के हिस्से क्या लगता है और उन्हें कहां रहना पड़ता है।

Gaurav Dixit

गौरव दीक्षित पत्रकारिता जगत के उभरते हुए चेहरा हैं। उन्होनें चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से अपनी पत्रकारिता की डिग्री प्राप्त की है। गौरव राजनीति, ऑटो और टेक संबंघी विषयों पर लिखने में रुची रखते हैं। गौरव पिछले दो वर्षों के दौरान कई प्रतिष्ठीत संस्थानों में कार्य कर चुके हैं और वर्तमान में DNP के साथ कार्यरत हैं।
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