‘आपसी भरोसा सबसे जरूरी…’ PM modi ने G7 Summit 2026 में दुनिया में रिसोर्स की कमी पर कहीं ये बात, डोनाल्ड ट्रंप संग इन मुद्दों पर होगी चर्चा

PM Modi: जी7 समिट 2026 के दौरान आखिर भारत के प्रधानमंत्री अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से क्या बातचीत करेंगे और इस दौरान किन मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। इसे लेकर तमाम तरह की खबरें आ रही है। वहीं अंतरराष्ट्रीय मंच से पीएम ने दुनिया को संदेश दिया है।

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Photo Credit- Google PM modi

PM Modi: G7 समिट 2026 पर लोगों की नजरे रहने वाली है क्योंकि इस बार दुनिया को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जहां एक तरफ महंगाई है तो वहीं दूसरी तरफ ईरान इजरायल वार चर्चा में बना हुआ है। वहीं इस सबके बीच पीएम मोदी दुनिया भर को भरोसे का संदेश देते हुए नजर आए हैं। इस दौरान उन्होंने क्या कहा आइए जानते हैं। इसके अलावा भारत के पीएम नरेंद्र मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ होने वाली बातचीत पर लगातार चर्चा बनी हुई है और इस दौरान दोनों नेताओं के बीच क्या चर्चा होने वाली है आइए जानते हैं इसे लेकर क्या खबर आ रही है।

PM Modi की डोनाल्ड ट्रंप से क्या हो सकती है चर्चा

रिपोर्ट की बात करें तो कहा जा रहा है कि पीएम मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से वेस्ट एशिया के हालात, होर्मुज जलडमरूमध्य के स्ट्रेटेजिक महत्व और अमेरिका से एनर्जी इंपोर्ट पर चर्चा कर सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देश अपनी लॉन्ग-टर्म एनर्जी पार्टनरशिप को और गहरा करने के इच्छुक हैं जबकि बाइलेटरल ट्रेड डील पर बातचीत अपने आखिरी स्टेज में है।

पीएम मोदी ने G7 समिट आउटरीच सेशन में बताया पार्टनरशिप के सही मायने

G7 समिट आउटरीच सेशन में पीएम मोदी ने ग्लोबल ऑर्डर को आकार देने में आपसी विश्वास, सम्मान और बराबर की पार्टनरशिप की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत का अनुभव बताता है कि डेवलपमेंट तब सबसे असरदार होता है जब वह लोगों की उम्मीदों से जुड़ा हो। भारत का मानना ​​है कि पार्टनरशिप की असली परीक्षा यह नहीं है कि हम दूसरों के लिए क्या बनाते हैं, बल्कि यह है कि हम दूसरों को अपने लिए क्या बनाने में मदद करते हैं।

भरोसे को लेकर क्या बोले पीएम मोदी

पीएम मोदी ने दुनिया को इस दौरान संदेश दिया कि हमें डोनर-रिसीपिएंट वाली सोच से आगे बढ़ना होगा और बराबर के पार्टनर के तौर पर काम करना होगा! पार्टनरशिप डिग्निटी से जुड़ी होनी चाहिए, डिपेंडेंसी से नहीं। आज आपसी विश्वास सबसे ज़रूरी स्ट्रेटेजिक एसेट है। लेकिन, दुख की बात है कि आज दुनिया में संसाधनों की कमी नहीं है…विश्वास की कमी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की क्या बातचीत होती है इस पर नजरें रहने वाली है।

 

 

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