PM Narendra Modi: कार्पोरेट जगत से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य समेत तमाम सेक्टर्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मांग बढ़ी है। AI चुटकियों में प्राप्त कमांड के अनुसार काम निपटा रहा है। एआई के बढ़ते स्कोप के बीच युवाओं के मन में एक संशय या यूं कहें कि डर है। आधुनिक भारत के युवा पूछ रहे हैं क्या AI का बढ़ता स्कोप नौकरियां छीन सकता है?
ऐसे सवाल का जवाब पीएम नरेन्द्र मोदी ने दिया है। पीएम नरेन्द्र मोदी ने युवाओं के नाम संदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बढ़ता स्कोप कैसे फायदेमंदर साबित होगा। प्रधानमंत्री ने बताया है कि एआई नौकरियां छीनेगा या अवसरों के द्वार खोलेगा। आइए पीएम मोदी के संदेश को विस्तार से बताते हैं।
AI को लेकर संशय में फंसे युवाओं को PM Narendra Modi का संदेश
पीएम मोदी ने स्पष्ट संदेश देकर उन तमाम युवाओं को जवाब दिया है जिनके मन में एआई को लेकर किसी तरह का संशय है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नौकरियां छीनेगा या अवसरों के द्वारा खोलेगा। इस सवाल पर पीएम नरेन्द्र मोदी कहते हैं कि “भारत सरकार AI से चलने वाले भविष्य के लिए लोगों की स्किलिंग और री-स्किलिंग में इन्वेस्ट कर रही है।”
प्रधानमंत्री के मुताबिक AI एक फोर्स मल्टीप्लायर है। इसकी मदद से उन उपलब्धियों को भी हासिल किया जा सकता है जिन्हें कभी नामुमकिन माना गया था। चिकित्सक से लेकर शिक्षक, छात्र व अन्य इच्छुक लोग AI की मदद से अपनी बात बड़े मंच तक पहुंचा सकते हैं। ऐसे में ये नौकरियां छीनेगा नहीं, बल्कि समय के साथ संभावनाओं के द्वार खोलेगा।
नए अविष्कार कैसे खोलते हैं संभावनाओं के द्वार?
अतीत के पन्ने पलटने पर ऐसे तमाम उदाहरण दखने को मिल जाएंगे जिसमें एक अविष्कार ने पूरी परिपाटी ही बदल दी। अविष्कार नए अवसरों का सृजन करता है। ये बातें पीएम नरेन्द्र मोदी ने युवाओं के मन में उठे तमाम संशय को दूर करते हुए कहा। पीएम मोदी ने बताया कि जब भी नए अविष्कार हुए हैं, तब तमाम नए अवसरों का सृजन हुआ है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ भी यही होगा।
पीएम मोदी ने बताया कि देश समय के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार है। आज जब युग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का आया है, तब देश के युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। अपनी निपुणता के बल पर युवा प्रशिक्षित होकर AI की मदद से संभावनाओं के द्वार खोलेंगे। भारत अब इस बदलाव के लिए पूर्णत: तैयार है। ऐसे में युवाओं को किसी भी तरह की संशय रखने की जरूरत नहीं है।






