Bhagwant Mann: 40-50 साल बाद पंजाब के 1365 गांवों तक पानी पहुंचा, नहर सिंचाई में हुआ भारी-भरकम इजाफा; सीएम मान ने दी खास जानकारी

Bhagwant Mann: पंजाब की भगवंत मान सरकार ने 5700 करोड़ रुपये के निवेश से 40-50 साल बाद पंजाब के 1365 गांवों तक पानी पहुंचा दिया है। यह पानी न केवल खेतों के लिए है, बल्कि पंजाब की आने वाली पीढ़ियों को बचाने के लिए भी है।

Bhagwant Mann

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Bhagwant Mann: पंजाब के लोगों को हर क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में एजुकेशन, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढाचे को भी बेहतर बनाने की दिशा में लगातार किया जा रहा है। आप यानी आम आदमी पार्टी की सरकार ने पिछले 4 सालों के दौरान प्रदेश के किसानों के लिए भी कई कल्याणकारी परियोजनाएं स्टार्ट की है। ऐसे में मंगलवार को सीएम मान ने प्रदेशवासियों को खुशखबरी देते हुए कहा कि 5700 करोड़ रुपये के निवेश से 40-50 साल बाद पंजाब के 1365 गांवों तक पानी पहुंचा है।

CM Bhagwant Mann बोले- ‘हमने नहर सिंचाई को 22% से बढ़ाकर 78% तक पहुंचा दिया’

पंजाब के धूरी, संगरूर में सब-डिविजनल अस्पताल के उद्घाटन अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान के मुख्यमत्री भगवंत मान ने कहा, ‘आज मैं गर्व से कह सकता हूं कि हमने नहर सिंचाई को 22% से बढ़ाकर 78% तक पहुंचा दिया है। 15539 किलोमीटर से भी अधिक नहरों की सफाई की गई है। यह पानी न केवल खेतों के लिए है, बल्कि पंजाब की आने वाली पीढ़ियों को बचाने के लिए भी है। आमतौर पर पार्टियाँ पांच साल बाद अपने वादे भूल जाती हैं, लेकिन हमने चार साल में ही अपनी सभी गारंटियां पूरी कर दी हैं और अपना रिपोर्ट कार्ड पंजाब की जनता के सामने रख दिया है। इस चार साल के सफर में, हमने वह सब कुछ किया है और आगे भी करते रहेंगे, जो हमारे पंजाब के बेहतर भविष्य के लिए जरूरी है।’

भगवंत मान सरकार ने किसानों को दिन के समय उपलब्ध करवाई बिजली

गौरतलब है कि मंगलवार को पंजाब की भगवंत मान सरकार के 4 साल पूरे हो गए। ऐसे में सीएम मान ने कहा, ’16 मार्च का यह दिन हमें उस ऐतिहासिक संकल्प की याद दिलाता है, जो हमने शहीदों की पवित्र धरती पर लिया था। पंजाब ने पारंपरिक राजनीति को नकारकर जिस नई शुरुआत पर मुहर लगाई थी, आज वही विश्वास ‘रंग’ के रंग में रंगकर, पंजाब की शक्ति के रूप में आपके सामने आ रहा है।’

उन्होंने आगे कहा, ‘दशकों तक, हमारे किसान कड़ाके की ठंड वाली रातों में सांपों के फनों को कुचलते हुए अपने खेतों की सिंचाई किया करते थे। हमने इस परंपरा को बदला और किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराना शुरू किया। आज, हमारे किसान खुशी-खुशी अपने खेतों में जाते हैं और चैन से अपनी रोटी खाते हैं।’

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