Bhagwant Mann: पंजाब के लोगों के हित को ध्यान में रखते हुए मान सरकार सारी नीतियां बनाती है। किसानों से लेकर छात्र, महिलाओं, पुरुषों व उद्यमियों समेत सभी वर्ग को साधने का काम किया जाता है। पंजाब वासियों को भगवंत मान सरकार की ओर से मिल रही 600 यूनिट मुफ्त बिजली भी उसी प्रयास का हिस्सा है। मान सरकार की इस पहल से लोगों पर वित्तिय बोढ कम हो रहा है। इससे लोग बिजली बिल की जगह लगने वाली रकम का इस्तेमाल कहीं और करते हुए सशक्त हो रहे हैं। सीएम भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार आम लोगों का पैसा उन्हीं पर खर्च कर सूबे के विकास को रफ्तार देने का काम कर रही है।
सीएम Bhagwant Mann की सरकार के प्रयासों से कम हो रहा वित्तिय बोझ!
पंजाब सरकार लोगों को 600 यूनिट मुफ्त बिजली मुहैया करा रही है। पंजाब में हर दो महीने पर बिजली का बिल आता है।
ਆਮ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਸਹੂਲਤਾਂ ਦੇਣ ਵਾਸਤੇ ਵਚਨਬੱਧ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ।
ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਲੋਕ ਲਈ ਘਰਾਂ ਦੀ 600 ਯੂਨਿਟ ਬਿਜਲੀ ਮੁਫ਼ਤ ਕਰਕੇ ਉਹਨਾਂ ‘ਤੇ ਪੈਣ ਵਾਲਾ ਆਰਥਿਕ ਬੋਝ ਘੱਟ ਕਰਨ ਦਾ ਕੰਮ ਕੀਤਾ ਹੈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਲੋਕ ਹਰ ਮਹੀਨੇ ਬਚਤ ਕਰ ਪਾ ਰਹੇ ਨੇ। ਆਮ ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਪੈਸਾ ਆਮ ਲੋਕਾਂ ‘ਤੇ ਹੀ ਲਗਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। pic.twitter.com/znUACW9FJM
— AAP Punjab (@AAPPunjab) February 2, 2026
इस दौरान जितने भी लोगों का खर्च 600 यूनिट से कम होता है उनके लिए कोई राशि नहीं देनी होती है। इसका आशय है कि भगवंत मान सरकार हर महीने लोगों क 300 यूनिट बिजली मुहैया करा रही है। सरकार के इस प्रयास से लोगों पर वित्तिय बोझ कम हो रहा है। जो जनता पहले हर माह बिजली बिल के रूप में अपना पैसा जमा करती थी उन्हें अब इसकी नाम मात्र चिंता भी नहीं है। मान सरकार की इस मुहिम का लाभ सूबे की 90 फीसदी जनता उठा रही है। इससे जहां एक ओर लोग अपने पैसों की बचत कर सशक्त हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जनता का पैसा जनता तक पहुंच रहा है।
मान सरकार की नीतियों से सशक्त हो रहे पंजाबवासी!
सूबे के लोग मान सरकार के प्रयासों से सशक्त हो रहे हैं। मुफ्त बिजली देने की बात हो या किसानों को सुविधाएं मुहैया कराने की। मान सरकार हर मोर्चे पर आगे है। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना और आम आदमी क्लीनिक के माध्यम से लोगों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। छात्रों के लिए खास प्रबंध कर उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। मान सरकार के इन सभी प्रयासों से पंजाबवासी सशक्त होकर सूबे के विकास में अहम योगदान दे रहे हैं।
