CM Bhagwant Mann: पंजाब की माताओं और बहनों को आत्मसम्मान मिल सके और उन्हें किसी पर निर्भर रहने की जरूरत ना पड़े इसके लिए लगातार सरकार की तरफ से हर महीने हजार से 1500 रूपये खाते में डालने का काम किया जा रहा है। यह निश्चित तौर पर पंजाब में एक क्रांति से कम नहीं है। वहीं इस सबके बीच बीते दिन नवंबर की शुरुआत के साथ ही एक बार फिर सीएम भगवंत मान की तरफ से महिलाओं के खाते में पैसे भेजने का काम किया गया और इसे सोशल रिवॉल्यूशन का नाम दिया गया। आइए जानते हैं पंजाब सरकार की इस पहल के बारे में जिसकी जानकारी सीएम भगवंत मान की तरफ से दी गई है।
पंजाब की 37 लाख 43 हज़ार माताओं-बहनों को 1291 करोड़ रुपये सौगात
ਅੱਜ ਅਬੋਹਰ ਵਿਖੇ ‘ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਮਾਵਾਂ-ਧੀਆਂ ਸਤਿਕਾਰ ਯੋਜਨਾ’ ਦੇ ਵਿਸ਼ਾਲ ਸਮਾਗਮ ਦੌਰਾਨ ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ 37 ਲੱਖ 43 ਹਜ਼ਾਰ ਤੋਂ ਵੱਧ ਮਾਵਾਂ-ਭੈਣਾਂ ਦੇ ਖਾਤਿਆਂ ‘ਚ 1291 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੀ ਸਨਮਾਨ ਰਾਸ਼ੀ ਟਰਾਂਸਫਰ ਕੀਤੀ…
ਇਹ ਯੋਜਨਾ ਇੱਕ ‘ਸੋਸ਼ਲ ਰੈਵੋਲਿਊਸ਼ਨ’ (Social Revolution) ਹੈ, ਜੋ ਸਾਡੀਆਂ ਧੀਆਂ-ਭੈਣਾਂ ਨੂੰ ਆਰਥਿਕ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰੇਗੀ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਸਵੈ-ਮਾਣ ਨੂੰ ਵਧਾਏਗੀ… ਸਾਡਾ ਟੀਚਾ ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ 1 ਕਰੋੜ ਔਰਤਾਂ ਨੂੰ ਇਸ ਯੋਜਨਾ ਨਾਲ ਜੋੜਨਾ ਹੈ…
ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ ਮਹਿਲਾਵਾਂ ਨੂੰ ਆਰਥਿਕ ਆਜ਼ਾਦੀ ਦੇਣ ਦਾ ਜੋ ਵਾਅਦਾ ਅਸੀਂ ਕੀਤਾ ਸੀ, ਉਸ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਕਰਨ ਲਈ ਅਸੀਂ ਲਗਾਤਾਰ ਕੰਮ ਕਰ ਰਹੇ ਹਾਂ…
ਇਨਕਲਾਬ ਜ਼ਿੰਦਾਬਾਦ!— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) November 1, 2026
सीएम भगवंत मान ने इसे लेकर x प्लेटफार्म पर कहा, “आज अबोहर में ‘मुख्यमंत्री मावां धिया सत्कार योजना’ के बड़े फंक्शन के दौरान पंजाब की 37 लाख 43 हज़ार से ज़्यादा माताओं-बहनों के अकाउंट में 1291 करोड़ रुपये की रकम ट्रांसफर की गई।” जाहिर तौर पर इतनी बड़ी रकम पंजाब की महिलाओं की तरक्की के लिए देना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है जो करने में मान सरकार पीछे नहीं है और उनका मकसद सिर्फ पंजाब की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
क्या CM Bhagwant Mann की तरफ से मुहिम का लक्ष्य
वहीं इसके साथ ही सीएम भगवंत मान ने कहा कि “यह स्कीम एक ‘सोशल रेवोल्यूशन’ है, जो हमारी बेटियों-बहनों को आर्थिक रूप से मज़बूत करेगी और उनका आत्म-सम्मान बढ़ाएगी… हमारा लक्ष्य पंजाब की 1 करोड़ महिलाओं को इस स्कीम से जोड़ना है। पंजाब की महिलाओं को आर्थिक आज़ादी देने का जो वादा हमने किया था, उसे पूरा करने के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं।” इंकलाब जिंदाबाद का नारा लगाया। सीएम भगवंत मान का लक्ष्य महिलाओं को वह आर्थिक आजादी देना है जो सालों से वह सपना देख रही है। घर के बाकी सदस्यों पर निर्भर न रहना पड़े यही सरकार का मकसद है।







