CM Bhagwant Mann: दिल्ली से सियासी गलियारों से लेकर चंडीगढ़, जालंधर, अमृतसर समेत तमाम जगहों पर परिसीमन की चर्चा है। लोकसभा की सीटों को बढ़ाने के संदर्भ में लाया जा रहा ये बिल सियासी घमासान की वजह भी बन रहा है। सत्तारुढ़ दल के साथ विपक्ष की इस पर अपनी अलग राय है। इसी बीच पंजाब के सीएम भगवंत मान ने परिसीमन विषय पर अपना पक्ष रखते हुए सधी टिप्पणी की है। सीएम भगवंत मान ने महिला आरक्षण बिल का जिक्र करते हुए भी केन्द्र को आईना दिखाया है। मुख्यमंत्री ने महिला आरक्षण बिल को अभी लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
सुर्खियां बटोर रहे परिसीमन मुद्दे पर CM Bhagwant Mann की दो टूक
मीडिया से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री ने आज परिसीमन मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट किया है।
ਸਿਆਸੀ ਲਾਹਿਆਂ ‘ਤੇ ਆਧਾਰਿਤ ਨਹੀਂ ਹੋਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਜਨਸੰਖਿਆ ਗਣਨਾ ਅਤੇ ਲੋਕ ਸਭਾ ਸੀਟਾਂ ‘ਚ ਤਬਦੀਲੀ!
ਜਨਸੰਖਿਆ ਦੇ ਆਧਾਰ ‘ਤੇ ਆਪਣੀਆਂ ਵੋਟਾਂ ਪੱਕੀਆਂ ਕਰਨ ਅਤੇ ਸੰਘੀ ਢਾਂਚੇ ਨੂੰ ਸੱਟ ਮਾਰਨ ਦੀਆਂ ਸਾਜ਼ਿਸ਼ਾਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਵਿਆਪਕ ਰਣਨੀਤੀ ਵਿਚਾਰ-ਚਰਚਾ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸਾਹਮਣੇ ਆਵੇਗੀ ਅਤੇ ਜਿੱਥੋਂ ਤੱਕ ਔਰਤਾਂ ਲਈ ਰਾਖਵਾਂਕਰਨ ਦੀ ਗੱਲ ਹੈ, ਭਾਜਪਾ ਇਹੀ… pic.twitter.com/ZnfcltV3YV
— AAP Punjab (@AAPPunjab) April 16, 2026
सीएम भगवंत मान ने कहा कि “जनसंख्या जनगणना और लोकसभा सीटों में बदलाव राजनीतिक विचारों पर आधारित नहीं होने चाहिए। जनसंख्या के आधार पर वोटों को एकजुट करने और संघीय ढांचे को नुकसान पहुंचाने की साजिशों के खिलाफ एक व्यापक रणनीति विचार-विमर्श के बाद ही सामने आएगी।” उन्होंने संवाद नीति को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। सीएम भगवंत मान के मुताबिक सभी राजनीतिक दलों को मतभेदों को भुलाकर संवाद के जरिए इसका रास्ता निकालना होगा।
महिला आरक्षण बिल का जिक्र कर केन्द्र को दिखाया आईना!
देश के विभिन्न हिस्सों में इन दिनों महिला आरक्षण बिल की चर्चा जोरों पर है। इसी बीच सीएम भगवंत मान ने भी इसका जिक्र करते हुए केन्द्र को आईना दिखाया है। सीएम मान ने कहा कि “जहां तक महिलाओं के लिए आरक्षण का सवाल है, भाजपा पहले 543 सीटों पर यही आरक्षण क्यों नहीं लागू करती? सीटों में वृद्धि के लिए एक समान मानदंड देश के सभी राज्यों के लिए समान रूप से अपनाया जाना चाहिए।” ये दर्शाता है कि कैसे पंजाब सीएम और उनकी पार्टी मुखरता से महिला आरक्षण बिल का समर्थन कर रही है।
