CM Bhagwant Mann ने डेलिगेशन को दिखाई हरी झंडी! सिंगापुर के लिए रवाना हुआ 30 प्रिंसिपलों का 8वां बैच, मिलेगा प्रशिक्षण

CM Bhagwant Mann ने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के साथ आज 30 प्रिंसिपलों के 8वें बैच को प्रशिक्षण के लिए सिंगापुर रवाना किया है।

CM Bhagwant Mann

Picture Credit: AAP पंजाब 'X' हैंडल

CM Bhagwant Mann: चंडीगढ़ से सरकारी स्कूलों के प्रिसिपलों का एक डेलिगेशन आज सिंगापुर के लिए रवाना हुआ है। सीएम भगवंत मान ने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के साथ प्रशिक्षण के लिए सिंगापुर जा रहे शिक्षकों को हरी झंडी दिखाई है। 30 प्रिसिपलों का 8वां बैच चंडीगढ़ से निकल कर सीधे सिंगापुर अकादमी पहुंचेगा।

सिंगापुर में प्रिसिपलों को आधुनिक शिक्षण और नेतृत्व कौशल की ट्रेनिंग मुहैया कराई जाएगी। सीएम भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार की पहल से शिक्षकों को आधुनिक प्रशिक्षण मिल सकेगा। इसकी मदद से वे पंजाब में शिक्षा क्रांति लेकर बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

चंडीगढ़ से सिंगापुर के लिए रवाना हुआ 30 प्रिसिपलों का 8वां बैच!

पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ से सिंगापुर के लिए 30 प्रिंसिपलों का 8वां बैच रवाना हो गया है। खुद सीएम भगवंत मान और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बस को हरी झंडी दिखाई है। इसकी तस्वीर आप पंजाब के एक्स हैंडल से पोस्ट की गई है।

इस पोस्ट में लिखा गया है कि “शिक्षा क्रांति के अंतर्गत आज सीएम भगवंत मान ने चंडीगढ़ से सरकारी स्कूलों के 30 प्रधानाचार्यों का एक दल सिंगापुर में प्रशिक्षण के लिए भेजा है। जहाँ उन्हें प्रधानाचार्य प्रशिक्षण केंद्र से बच्चों को पढ़ाने के आधुनिक तरीकों का प्रशिक्षण प्राप्त होगा। यह प्रधानाचार्यों का सिंगापुर जाने वाला 8वां बैच है और इसके साथ ही सिंगापुर में प्रशिक्षण के लिए भेजे गए प्रधानाचार्यों की संख्या अब तक 264 हो गई है।” तस्वीरों में प्रिंसिपल का बैच नजर आ रहा है।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत CM Bhagwant Mann!

पंजाब के विभिन्न हिस्सों में स्थित सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदली है। सीएम भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने छात्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराने के कई प्रयास भी किए हैं। शिक्षकों को सिंगापुर भेजकर प्रशिक्षित कराना उसी प्रयास का हिस्सा है। विदेश की धरती से आधुनिक प्रशिक्षण हासिल कर शिक्षक बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया करा सकते हैं। इससे बच्चों का भविष्य उज्जवल होगा और वे आगे चलकर राज्य का नाम देश-दुनिया में रोशन कर सकेंगे।

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