CM Bhagwant Mann: पुलिस स्मृति दिवस के रूप में 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिन हमें उन सभी बहादुर सीआरपीएफ जवानों की याद दिलाता है जिन्होंने 1959 में अपने प्राणों का न्योछावर दे दिया था। उनकी बहादुरी निश्चित तौर पर एक प्रेरणा से कम नहीं है और ऐसे में सीएम भगवंत मान की आप पंजाब ने इस दिन को खास बनाते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट लिखा। इस बारे में क्या कहा है। आइए जानते हैं पूरी खबर और इस पोस्ट में कैसे 10 बहादुर जवानों को श्रद्धांजलि दी गई जो निश्चित तौर पर प्रेरणादाई है।
CM Bhagwant की आप पंजाब ने पुलिस स्मृति दिवस के लिए क्या कहा
21 ਅਕਤੂਬਰ ਦਾ ਦਿਨ ਸਾਨੂੰ ਸੀ.ਆਰ.ਪੀ.ਐੱਫ਼. ਦੇ ਉਹਨਾਂ 10 ਬਹਾਦਰ ਪੁਲਿਸ ਜਵਾਨਾਂ ਦੀ ਯਾਦ ਦਿਵਾਉਂਦਾ ਹੈ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਸਾਲ 1959 ‘ਚ ਇਸ ਦਿਨ ਲੱਦਾਖ ਵਿਖੇ ਦੇਸ਼ ਦੀ ਰਾਖੀ ਕਰਦਿਆਂ ਸ਼ਹਾਦਤ ਦੇ ਜਾਮ ਪੀਤੇ। ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਦਲੇਰੀ ਅਤੇ ਸ਼ਹਾਦਤ ਸਮੂਹ ਭਾਰਤੀਆਂ ਲਈ ਦੇਸ਼ ਸੇਵਾ, ਹਿੰਮਤ ਅਤੇ ਅਨੁਸ਼ਾਸਨ ਦੀ ਪ੍ਰੇਰਨਾ ਹੈ। https://t.co/OijyOLqKLA
— AAP Punjab (@AAPPunjab) October 21, 2026
इसे लेकर आप पंजाब ने पोस्ट में कहा, “21 अक्टूबर का दिन हमें उन 10 बहादुर सीआरपीएफ जवानों की याद दिलाता है जिन्होंने 1969 में इसी दिन लद्दाख में देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनका साहस और शहादत सभी भारतीयों के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो राष्ट्र सेवा, वीरता और अनुशासन की भावना को दर्शाता है। 21 अक्टूबर को हर साल पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है। ऐसे में यह दिन निश्चित तौर पर इतिहास के पन्नों में दर्ज है।
क्यों खास और प्रेरणादायी है पुलिस स्मृति दिवस
बता दे कि सीएम भगवंत मान की आप पंजाब ने जिस खास दिन के बारे में जिक्र किया है वह 1959 की घटना है जहां लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सैनिकों के साथ मुकाबला करते हुए सीआरपीएफ के 10 जवानों ने अपनी जान न्योछावर कर दी थी। यह दिन हमारे सुरक्षा बलों के साहस, निष्ठा और बलिदान को याद करने के लिए है। आने वाली सभी पीढ़ियों को प्रेरणा देने के लिए है कि देश हित सर्वोपरि है। इसके आगे कुछ भी नहीं है। कैसे पुलिस बिना जान की परवाह किए अपना सर्वोच्च न्योछावर कर दिया यह दिन हमें यही सिखाता है और निश्चित तौर पर काफी खास है।
