Bhagwant Mann: अपनी साझा विरासत को बचाने की लड़ाई लड़ रही मान सरकार की बड़ी जीत हासिल हुई है। दरअसल, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने पंजाब यूनिवर्सिटी के सीनेट चुनाव को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। मालूम है कि केन्द्र की ओर से अधिसूचना जारी कर पंजाब विश्वविद्यालय में सीनेट और सिंडिकेट चुनाव की प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया था। भगवंत मान सरकार ने इसके लिए लंबी लड़ाई लड़ने का ऐलान किया। सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं का एक पैनल गठित करने की बात भी कही गई। अंतत: उपराष्ट्रपति की ओर से मंजूरी मिलने के बाद इसे पंजाब सरकार के लिए बड़ी जात माना जा रहा है।
सीनेट चुनाव के लिए मंजूरी मिलने के बाद सीएम Bhagwant Mann की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री भगवंत मान के एक्स हैंडल से पोस्ट जारी कर इस संबंध में जानकारी दी गई है। सीएम मान ने अपार हर्ष के साथ साझा किया है कि “उप-राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन द्वारा पंजाब यूनिवर्सिटी की सीनेट चुनावों को मंजूरी देना पूरे पंजाब की एक शानदार जीत है। यह संस्था सिर्फ एक यूनिवर्सिटी नहीं, बल्कि पंजाब की विरासत है।”
सीएम मान आगे लिखते हैं कि “यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी, शिक्षक, फैकल्टी सदस्य और हर वह पंजाबी बधाई का पात्र हैं, जिन्होंने भारी दबाव के बावजूद भी अपनी हिम्मत टूटने नहीं दी। संघर्ष जारी रखा, और आखिरकार संघर्ष रंग लाया।” उपराष्ट्रपति का ये फैसला भगवंत मान सरकार की जीत के रूप में देखा जा रहा है जिसके लिए लंबी लड़ाई लड़ी गई थी।
लंबी लड़ाई के बाद मान सरकार को मिली जीत
पंजाब यूनिवर्सिटी में सीनेट चुनाव को मंजूरी मिलने वाले फैसले को मान सरकार के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। केन्द्र की ओर से सीनेट और सिंडिकेट चुनाव रद्द किए जाने के बाद पंजाब सरकार ने इसके लिए खूब लड़ाई लड़ी। सीएम भगवंत मान खुद फ्रंटफुट से मोर्चा संभालते हुए अधिवक्ताओं का पैनल गठित करने की बात करते नजर आए थे। उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि ये पंजाब की विरासत का सवाल है। ऐसे में हम पीछे नहीं हट सकते। अंतत: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने पंजाब यूनिवर्सिटी में सीनेट चुनाव को मंजूरी देकर बड़ी खुशखबरी दी है जो मान सरकार के लिए बड़ी जीत है।
