CM Bhagwant Mann सरकार का बड़ा ऐलान, मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना की धनराशि इस दिन अकाउंट में होगी ट्रांसफर, जानें सबकुछ

CM Bhagwant Mann: पंजाब की महिलाओं के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई मावां-धीयां सत्कार योजना को लेकर अहम अपडेट सामने आया है।

CM Bhagwant Mann

फाइल फोटो

CM Bhagwant Mann: पंजाब की महिलाओं के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई मावां-धीयां सत्कार योजना को लेकर अहम अपडेट सामने आया है। बता दें सरकार की ओर से योजना के तहत पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है। वहीं पंजाब सरकार लाखों महिलाओं के खातों में पैसे ट्रांसफर करने जा रही है।

गौरतलब है कि राज्य की जनरल महिलाओं को 1000 रूपये और एसटी, एससी वर्ग की महिलाओं को 1500 की धनराशि हर महीने प्रदान की जा रहा है। यह योजना लाखों महिलाओं के लिए एक गेमचेंजर बन चुकी है। जिससे बड़ी संख्या में फायदा हो रहा है और महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही है। चलिए आपको बताते है कि कब इसकी धनराशि बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाएगी।

इस तारीख को खाते में मिलेंगे पैसे

आप पंजाब ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि 1 अक्टूबर को खुशियों भरा जश्न फिर से शुरू होगा; माताओं और बहनों के खातों में ₹3,000 और ₹4,500 जमा किए जाएंगे। CM Bhagwant Mann  ने लोगों से बातचीत के दौरान यह अच्छी खबर साझा की पंजाब की महिलाओं में भारी उत्साह है।

इस योजना के तहत शुरुआती भुगतान में पात्र महिलाओं को तीन महीने की राशि एक साथ दी गई थी। सामान्य श्रेणी की महिलाओं को तीन महीने के लिए 3,000 रुपये, जबकि SC वर्ग की महिलाओं को 4,500 रुपये मिले। वहीं एक बार फिर पंजाब सरकार इतने ही रूपये देने जा रही है।

CM Bhagwant Mann के प्रयासों का दिखा असर

मावां-धीयां सत्कार योजना के तहत पात्रता के लिए महिला का पंजाब की स्थायी निवासी होना जरूरी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र की पात्र महिलाओं को योजना का लाभ दिया जा रहा है। बैंक खाते का आधार से लिंक होना भी जरूरी बताया गया है। सबसे खास बात है कि इस योजना से महिलाओं को काफी फायदा पहुंच रहा है।

साथ ही वह आत्मनिर्भर बन रही है। उदाहरण के तौर पर सरकार द्वारा दिए जा रहे है पैसे की मदद से महिलाएं अपनी चीजें खरीद पा रही है। उन्हें किसी से मांगनी नहीं पड़ती। पहले वह एक-एक रूपये दूसरे पर निर्भर रहती थी। लेकिन CM Bhagwant Mann सरकार की ये योजना गमेचेंजर बनी है।

Exit mobile version