Sahil Wakode: आईआईटी मुंबई के छात्र Sahil Wakode की मौत का मामला अब गंभीर आरोपों और पुलिस जांच के बीच पहुंच गया है। 20 वर्षीय सेकेंड ईयर बीटेक छात्र की मौत के बाद उसके पिता ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को करीब तीन महीने तक मानसिक प्रताड़ना और जातिगत टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। पिता की शिकायत के आधार पर मुंबई पुलिस ने आईआईटी मुंबई के प्रोफेसर सूर्यनारायण दुला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। मामले की जांच अब मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। वहीं अब उनके पिता और परिवारवालो ने गंभीर आरोप लगाा है।
Sahil Wakode की सुसाइड पर पिता का गंभीर आरोप
बता दें कि Sahil Wakode के पिता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “मैं मांग करता हूं कि उन लोगों की गहन जांच हो जिन्होंने उसे प्रताड़ना और जातिगत भेदभाव के ज़रिए आत्महत्या के लिए मजबूर किया। मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि उन्हें नौकरी से बर्खास्त करके मेरे बच्चे को न्याय दिलाया जाए। हमारी मांग है कि क्राइम ब्रांच इस मामले की जांच करे और आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए।
Mumbai, Maharashtra: Ravindra Wakode, father of deceased IIT Bombay student Sahil Wakode, says, “We demand that the Crime Branch investigate the case and that the accused be arrested. The accused should not be granted anticipatory bail, as they may destroy evidence. Sahil had… pic.twitter.com/9ikNPEpTOl
— IANS (@ians_india) September 19, 2026
आरोपियों को अग्रिम ज़मानत नहीं मिलनी चाहिए, क्योंकि वे सबूत नष्ट कर सकते हैं। साहिल को लगभग तीन महीनों से परेशान किया जा रहा था और उस पर जातिसूचक टिप्पणियां की जाती थीं। हमारी पांच मांगें हैं, और हम अपनी मांगें पूरी होने के बाद ही शव लेने का फैसला करेंगे।”
क्या है Sahil Wakode Suicide Case?
बता दें कि Sahil Wakode आईआईटी मुंबई के Energy Science and Engineering विभाग में सेकेंड ईयर के छात्र थे। वह महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के रहने वाले थे। रिपोर्टों के मुताबिक, 18 सितंबर 2026 को परीक्षा देने के कुछ घंटों बाद उन्होंने आत्महत्या कर ली थी। दरअसल
आईआईटी बॉम्बे के अनुसार, परीक्षा के दौरान साहिल को मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। संस्थान का कहना है कि उन्होंने कथित तौर पर प्रश्नपत्र की तस्वीर चैटजीपीटी पर अपलोड कर जवाब हासिल करने की कोशिश की थी। इसके बाद इंस्ट्रक्टर और विभागाध्यक्ष ने उनसे बातचीत की और काउंसलिंग की। संस्थान का कहना है कि साहिल को यह भरोसा भी दिलाया गया था कि इस घटना का उनके अकादमिक करियर पर गलत असर नहीं पड़ेगा।
