CM Bhagwant Mann: पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट के नए चीफ जस्टिस की नियुक्ति को लेकर सरकार की तरफ से विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं इस सबके बीच सीएम भगवंत मान ने कहा है कि राज्य के अधिकारों और हितों की रक्षा करने के लिए वह हमेशा आगे खड़े हैं। इसके लिए वह हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने पंजाब के लोगों को एकजुटता दिखाने की खास अपील की है। आइए जानते हैं केंद्र के किस काम को लेकर सीएम भगवंत मान मुखर हुए हैं। अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने क्या कहा है। आखिर किस चीज को लेकर विरोध जारी है।
CM Bhagwant Mann ने पंजाब के लोगों से कही ये बात
ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸੰਵਿਧਾਨਕ ਹੱਕਾਂ ’ਤੇ ਡਾਕਾ ਕਿਸੇ ਕੀਮਤ ’ਤੇ ਬਰਦਾਸ਼ਤ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ। ਨਿਆਂਪਾਲਿਕਾ ਵਿੱਚ ਕੇਂਦਰ ਦੀ ਇਸ ਦਖ਼ਲਅੰਦਾਜ਼ੀ ਦਾ ਅਸੀਂ ਡਟ ਕੇ ਵਿਰੋਧ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਪੰਜਾਬੀਓ, ਇਹ ਸਮਾਂ ਇੱਕਜੁੱਟ ਹੋਣ ਦਾ ਹੈ। ਸੂਬੇ ਦੇ ਹੱਕਾਂ ਅਤੇ ਹਿੱਤਾਂ ਦੀ ਰਾਖੀ ਲਈ ਅਸੀਂ ਹਮੇਸ਼ਾ ਮੋਹਰੀ ਹੋ ਕੇ ਖੜ੍ਹੇ ਹਾਂ। pic.twitter.com/dl5BZrg0OF
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) September 6, 2026
सीएम भगवंत मान ने एक्स प्लेटफार्म पर एक वीडियो को शेयर करते हुए कहा, “पंजाब के संवैधानिक अधिकारों पर दखल किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमने न्यायपालिका में केंद्र के इस दखल का कड़ा विरोध किया है। पंजाबियों, यह एकजुट होने का समय है। हम हमेशा राज्य के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए सबसे आगे खड़े रहे हैं।”
क्यों सीएम भगवंत मान ने बुलंद की आवाज
दरअसल मामला पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट के नए चीफ जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा की नियुक्ति से जुड़े विवाद का है। इस बारे में पंजाब सरकार का कहना है कि यह नियुक्ति उनकी सहमति और विचार के बिना जल्दबाजी में किया गया है जो उन्हें स्वीकार नहीं है। नियमों के मुताबिक हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति से पहले राज्य सरकार से परामर्श करना जरूरी है और इसे संवैधानिक अधिकारों और संघीय ढांचे का उल्लंघन माना जा रहा है।
सीएम भगवंत मान का कहना है कि पंजाब के अधिकारों में लगातार कटौती की जा रही है उन्होंने 9,000 करोड़ का रूरल डेवलपमेंट फंड (RDF) रोकना, बाढ़ राहत पैकेज में देरी को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाया है। इस दौरान पंजाब के लोगों से कहा है कि अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए वह हमेशा आगे होकर खड़े हैं।
