Hindu धर्म का मतलब क्या है? लंदन में Mohan Bhagwat का संदेश, बताया प्रमुख समस्याओं का सामाधान

Mohan Bhagwat: लंदन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत का यह कार्यक्रम आरएसएस के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क अभियान का प्रमुख हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा कि 'हिंदू राष्ट्र' का मतलब किसी खास धर्म, पूजा या जीवनशैली से नहीं है।

Mohan Bhagwat

Mohan Bhagwat (Image/Google)

Mohan Bhagwat: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने अपने विरोधियों को करारा जवाब दिया है। उन्होंने रविवार को कहा कि ‘शुद्ध आध्यात्मिक और सात्विक प्रेम संगठन के काम का आधार रहा है और यह भावना 100 साल बाद भी कमजोर नहीं हुई है।’ आरएसएस के 100 साल पूरे होने पर लंदन में बोलते हुए भागवत ने कहा कि आपको स्वयंसेवकों के व्यवहार और संघ के माहौल में वही शुद्ध आध्यात्मिक सात्विक प्रेम देखने को मिलेगा। उन्होंने आगे कहा कि ‘हिंदू राष्ट्र’ का मतलब किसी खास धर्म, पूजा या जीवनशैली से नहीं है। उनके अनुसार, इसका मतलब अलग-अलग विचारों और विविधताओं को स्वीकार करना रहा है। भागवत ने कहा कि एकता के लिए सभी का एक जैसा व्यवहार होना अति आवश्यक है।

लंदन में संघ प्रमुख Mohan Bhagwat का संदेश

आपको बता दें कि लंदन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत का यह कार्यक्रम आरएसएस के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क अभियान का प्रमुख हिस्सा रहा है। इन दिनों आरएसएस दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अपनी विचार को पहुंचाने और अपने सांगठनिक कार्यों को विश्व पटल पर ‘सही’ दृष्टिकोण रखने की कोशिश में जुटा है। इससे संघ प्रमुख न्यूयॉर्क और टोरंटो में भी ऐसे कार्यक्रम कर चुके हैं।

Hindu धर्म का मतलब क्या है? – मोहन भागवत

लंदन में हिंदू राष्ट्र और हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों पर एक कार्यक्रम में बोलते हुए भागवत ने कहा, “हिंदू शब्द को सिर्फ किसी धार्मिक रीति-रिवाज या जीवन जीने के तरीके से नहीं समझा जा सकता। यह एक प्रकृति है। अलग-अलग तरह की चीजों का सम्मान करना और उन्हें अपनाना हमेशा से इसके प्रकृति का हिस्सा रहा है।” आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने आगे कहा कि, हिंदुत्व का नजरिया साफ है और आपकी वफादारी वहीं है जहाँ आपकी कर्मभूमि है। उन्होंने ब्रिटिश हिंदुओं के लिए कहा कि आपके लिए ब्रिटेन है। हिंदू समुदाय के अपने जन्मस्थान और अपने कर्मभूमि के बीच वफादारी में बँटवारे के डर के बारे में एक सवाल का जवाब देते हुए संघ प्रमुख ने कहा, “असल में कोई टकराव नहीं है। अगर ब्रिटिश हिंदू अच्छे, पक्के और सच्चे हिंदू हैं, तो ब्रिटेन और भारत के हितों के बीच कभी कोई विवाद नहीं होगा।”

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