Bhagwant Mann: अपने 4 सालों के कार्यकाल के दौरान पंजाब की भगवंत मान सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में सबसे ज्यादा साहसिक कदम उठाए हैं। एएपी यानी आम आदमी पार्टी की सरकार ने स्कूली छात्रों को ग्लोबल लेवल की एजुकेशन प्रदान करने के लिए कई जरूरी निर्णय लिए हैं। ऐसे में अब इसका असर देखने को मिल रहा है। पंजाब के चीफ मिनिस्टर भगवंत मान ने मंगलवार को पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड परीक्षा में पास होने वाले शीर्ष 3 छात्रों से मुलाकात की। इस दौरान सीएम मान ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना की और तीनों स्टूडेंट्स को बधाई दी।
सीएम भगवंत मान ने परीक्षा में टॉप करने वाले स्टूडेंट्स से की मुलाकात
मंगलवार को पंजाब के चीफ मिनिस्टर भगवंत मान ने कहा, ‘पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा कल घोषित किए गए कक्षा 10 के नतीजों ने यह साबित कर दिया है कि आपके पंजाब के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। मैं विशेष रूप से हरलीन शर्मा को 99.38% (646/650) अंकों के साथ पहला स्थान हासिल करने के लिए, और मणिमहेश शर्मा तथा रिया रानी को क्रमशः 99.23% (645/650) अंकों के साथ दूसरा और तीसरा स्थान हासिल करने के लिए बधाई देता हूँ। इन प्रतिभाशाली बच्चों की अथक मेहनत, उनके माता-पिता की दुआओं और उनके शिक्षकों के उचित मार्गदर्शन के कारण, आज पूरा पंजाब गर्व से सिर ऊंचा करके खड़ा है।’
उन्होंने आगे कहा, ‘आपकी सरकार शिक्षा के बुनियादी ढांचे को और अधिक मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि गांवों और शहरों के हर बच्चे को ऐसी ऊंची उड़ानें भरने के समान अवसर मिल सकें। मैं सभी सफल विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं और आशा करता हूं कि वे देश और दुनिया में पंजाब का नाम रोशन करते रहेंगे।’
ਕੱਲ੍ਹ ਪੰਜਾਬ ਸਕੂਲ ਸਿੱਖਿਆ ਬੋਰਡ ਵੱਲੋਂ ਐਲਾਨੇ ਗਏ 10ਵੀਂ ਜਮਾਤ ਦੇ ਨਤੀਜਿਆਂ ਨੇ ਇਹ ਸਾਬਤ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਹੈ ਕਿ ਤੁਹਾਡੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਬੱਚਿਆਂ ਵਿੱਚ ਕਾਬਲੀਅਤ ਦੀ ਕੋਈ ਕਮੀ ਨਹੀਂ ਹੈ।
ਮੈਂ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਹਰਲੀਨ ਸ਼ਰਮਾ ਨੂੰ 99.38% (646/650) ਅੰਕਾਂ ਨਾਲ ਪਹਿਲਾ ਸਥਾਨ, ਅਤੇ ਮਨੀਮਹੇਸ਼ ਸ਼ਰਮਾ ਤੇ ਰੀਆ ਰਾਣੀ ਨੂੰ 99.23% (645/650)… pic.twitter.com/fDJYEeVDFo
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) May 12, 2026
भगवंत मान सरकार एजुकेशन सिस्टम को बना रही है बेहतर
आपकी जानकारी में इजाफा करने के लिए बता दें कि सीएम भगवंत मान की अध्यक्षता में एएपी सरकार ने पंजाब के एजुकेशन सिस्टम में कई बड़े सुधार किए हैं। मान सरकार ने स्कूल ऑफ एमिनेंस की शुरुआत की है। इस पहल के जरिए स्कूली छात्रों को आधुनिक स्मार्ट क्लासरूम, साइंस लैब, डिजिटल लर्निंग और प्रतियोगी परीक्षा तैयारी करने की सुविधा मिल रही है। साथ ही शिक्षा क्रांति 2.0 मिशन को लागू किया है। इस योजना के तहत करीब 3500 करोड़ रुपये निवेश किए जा रहे हैं। स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल शिक्षा और लर्निंग आउटकम बेहतर बनाने पर काम हो रहा है। इस परियोजना में विश्व बैंक का भी सहयोग लिया गया है।
