CM Bhagwant Mann: पंजाब सरकार बच्चों के भविष्य के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इसी बीच प्रोजेक्ट जीवनज्योति के तहत लाखों बच्चो को भीख मांगने से CM Bhagwant Mann सरकार जल्द मुक्त करने जा रही है। इसकी जानकारी खुद महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी। बता दें कि बड़ी संख्या में बच्चे रोड़ पर भीख मांगते हुए नजर आते है। इसी को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार इस अभियान और तेज कर सकती है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
प्रोजेक्ट जीवनज्योति के तहत लाखों बच्चे होंगे मुक्त
यूपी सरकार ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “पंजाब सरकार की हर बच्चे के अधिकारों और भविष्य की रक्षा करने की पक्की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि राज्य ने ‘प्रोजेक्ट जीवनज्योति’ के तहत बच्चों से भीख मंगवाने के खिलाफ़ अपने अभियान को और तेज़ कर दिया है।
ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਡਾ. ਬਲਜੀਤ ਕੌਰ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਹਰ ਬੱਚੇ ਨੂੰ ਭਿਖਿਆ, ਸ਼ੋਸ਼ਣ ਅਤੇ ਅਸੁਰੱਖਿਆ ਤੋਂ ਮੁਕਤ ਕਰਕੇ ਉਸ ਨੂੰ ਸੁਰੱਖਿਆ, ਸਿੱਖਿਆ ਅਤੇ ਸਨਮਾਨ ਨਾਲ ਭਰਪੂਰ ਜੀਵਨ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਨ ਲਈ ਦ੍ਰਿੜ੍ਹ ਸੰਕਲਪਿਤ ਹੈ। ਇਸੇ ਮਕਸਦ ਨਾਲ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪੱਧਰੀ ਟਾਸਕ ਫੋਰਸਾਂ ਰਾਹੀਂ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ‘ਜੀਵਨਜੋਤ’ ਨੂੰ ਪ੍ਰਭਾਵਸ਼ਾਲੀ ਢੰਗ ਨਾਲ ਲਾਗੂ… pic.twitter.com/abkFar92cg
— Government of Punjab (@PbGovtIndia) September 9, 2026
इसके तहत सड़कों से बच्चों को बचाने, उनके पुनर्वास और उन्हें शिक्षा व सम्मानजनक जीवन से जोड़ने के लिए खास कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ‘प्रोजेक्ट जीवनज्योति’ को ज़िला-स्तरीय टास्क फोर्स के ज़रिए प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि इस अभियान के दौरान बचाए गए बच्चों में सबसे ज़्यादा बच्चे तरनतारन (10) से थे, इसके बाद अमृतसर (9), लुधियाना (7) और एस.ए.एस. नगर (5) का नंबर आता है”।
सरकार का क्या है उद्देश्य?
गौरतलब है कि CM Bhagwant Mann सरकार का मानना है कि बच्चों का स्थान सड़कों पर भीख मांगने के बजाय स्कूल और सुरक्षित वातावरण में होना चाहिए। प्रोजेक्ट जीवनज्योति के माध्यम से सरकार बाल भिक्षावृत्ति की समस्या पर प्रभावी तरीके से काम करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। माना जा रहा है कि इससे बड़ी संख्या में जरूरतमंदों को फायदा मिल सकता है। अभियान के जरिए बच्चों की पहचान, उनकी जरूरतों का आकलन और उन्हें शिक्षा एवं अन्य जरूरी सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा।
