CM Bhagwant Mann: नशे के खिलाफ पंजाब पुलिस के ताबड़तोड़ एक्शन से हड़कंप, 75 हजार से अधिक ड्रग्स तस्करों पर कसा गया शिकंजा, जानें सबकुछ

CM Bhagwant Mann: पंजाब में नशे के खिलाफ मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है।

CM Bhagwant Mann

फाइल फोटो

CM Bhagwant Mann: पंजाब में नशे के खिलाफ मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। राज्य सरकार की ओर से चलाए जा रहे ‘युद्ध नशों विरुद्ध’  अभियान के तहत पंजाब पुलिस ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। पुलिस के मुताबिक, अभियान के 17 महीने पूरे होने तक 75,102 कथित ड्रग्स तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। गौरतलब है कि CM Bhagwant Mann की अगुवाई में राज्य तेज से विकास की और अग्रसर है। इसके अलावा राज्य और अपराध के खिलाफ काफी हद तक लगाम लग चुकी है। जिसका असर देखने को मिल रहा है।

नशे के खिलाफ पंजाब पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन

पंजाब पुलिस इंडिया ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि पंजाब पुलिस ने ड्रग नेटवर्क के खिलाफ़ अपनी लगातार कार्रवाई जारी रखते हुए 94 ड्रग तस्करों को गिरफ़्तार किया और उनके पास से 23.5 किलोग्राम हेरोइन, 970 ग्राम ICE, 11 किलोग्राम पोस्ता भूसा, 370 नशीली गोलियां और ड्रग से कमाए गए ₹8,950 बरामद किए।

इसके अलावा, 8 लोगों को नशा-मुक्ति और पुनर्वास का इलाज कराने के लिए समझाया-बुझाया गया और प्रेरित किया गया। पंजाब में कई जगहों पर छापेमारी की गई। 94 ड्रग तस्कर गिरफ्तार 524 दिनों में गिरफ्तार ड्रग तस्करों की कुल संख्या – 75496 हो गई है।

CM Bhagwant Mann के निर्देशों का दिखा असर

आगे दी जानकारी के मुताबिक पंजाब में कई जगहों पर छापेमारी की गई। 94 ड्रग तस्करों को गिरफ़्तार किया गया। कुल 23.5 किलोग्राम हेरोइन ज़ब्त की गई।
कुल 970 ग्राम ‘आइस’ (ड्रग) बरामद की गई। कुल 11 किलोग्राम पोस्ता भूसा ज़ब्त किया गया। कुल 370 गोलियां/कैप्सूल बरामद किए गए। ड्रग से जुड़ी कुल 8,950 रुपये की नकदी बरामद की गई। 524 दिनों में 75,496 ड्रग एडिक्ट्स (नशे के आदी लोगों) को गिरफ़्तार किया गया।

SP/DSP रैंक के अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की टीमों ने संदिग्धों को चेकिंग के लिए रोका। 8 लोगों को ड्रग ट्रीटमेंट (नशा छुड़ाने के इलाज) के लिए भेजा गया। CM Bhagwant Mann सरकार का कहना है कि नशे की समस्या से निपटने के लिए सिर्फ तस्करों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है। इसलिए अभियान में पुलिस कार्रवाई के साथ इलाज, पुनर्वास और जागरूकता को भी शामिल किया गया है।

 

 

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