CM Bhagwant Mann: शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब सरकार का नया कीर्तिमान, केरल को पीछे छोड़ हासिल किया प्रथम स्थान, जानें सबकुछ

CM Bhagwant Mann: शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब सरकार लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। जिसका असर भी देखने को मिल रहा है।

CM Bhagwant Mann

फाइल फोटो

CM Bhagwant Mann: शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब सरकार लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। इसी का असर है कि 27वें स्थान से सीधा पंजाब पहले स्थान पर पहुंच चुकी है। इसके अलावा अभिभावकों का भरोसा सरकारी स्कूलों में बढ़ा है। इसके साथ आईआईटी, नीट जैसी कथिन परीक्षाओं को पंजाब के सरकारी स्कूल के छात्र आसानी से और बड़ी संख्या में कर रहे है।

इसके साथ ही छात्रों को सभी प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जा रही है जो आमतौर पर प्राइवेट स्कूलों में मिलती है। साथ ही अत्याधुनिक क्लास रूम के साथ-साथ खेल कूद की भी सुविधा दी जा रही है।

शिक्षा के क्षेत्र में CM Bhagwant Mann सरकार का नया कीर्तिमान

आप पंजाब ने अपने एक्स पर लिखा कि शिक्षा के क्षेत्र में केरल को पीछे छोड़ते हुए पंजाब का प्रथम स्थान प्राप्त करना हम सभी के अथक परिश्रम का परिणाम है। सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार करके, मान सरकार छात्रों को उड़ान भरने के लिए पंख प्रदान कर रही है, लेकिन वे सफलता की कितनी ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे, यह उनके अपने प्रयासों पर निर्भर करता है।

सबसे खास बात है कि दूर दराज से आने वाली छात्राओं के लिए CM Bhagwant Mann सरकार ने फ्री बस सुविधा दे रखी है, जिससे बड़ी संख्या में छात्रा आसानी से अपने घर से स्कूल आती जाती है। यह कहना गलत नहीं होगा कि शिक्षा के क्षेत्र में सीएम मान का प्रयास काफी सफल रहा है।

प्राइवेट स्कूलों पर पंजाब सरकार का कड़ा फैसला

बता दें कि बीते दिन एक 12वीं क्लास की छात्रा ने आत्महत्या कर ली थी। उसने आरोप लगाया था कि स्कूल प्रशासन स्कूल फीस ना देने पर उन्हें प्रताड़ित कर रहा था। जिसके बाद CM Bhagwant Mann ने कड़ा फैसला लेते हुए कहा कि “अमृतसर में हुई दुखद घटना के बाद, पिछले 24 घंटों में मुझे निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने के बारे में सैकड़ों अभिभावकों के फोन आए हैं।

बच्चों के भविष्य और अभिभावकों को हो रही इस भारी असुविधा को देखते हुए, ‘आपकी सरकार’ ने एक बहुत ही कड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब पंजाब में कोई भी निजी स्कूल सालाना 5% से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेगा। इसके साथ ही, जिन स्कूलों ने पिछले 3 वर्षों में 15% से अधिक फीस बढ़ाई है, उन्हें अभिभावकों को वह अतिरिक्त राशि तुरंत वापस करनी होगी”। यानि अब पंजाब में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी नहीं चलेगी।

 

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