CM Bhagwant Mann: पंजाब वासियों के लिए आज का दिन बेहद खास है। आज उस दिवस की बरसी है जब गुरुधामों की रक्षा करते हुए सैकड़ों सिखों ने अपने प्राणों की आहुती दी थी। यहां बात सका श्री नानकाना साहिब के शहीदों की हो रही है। सभी शहीदों को पंजाबवासी नमन कर रहे हैं।
इसी बीच सीएम भगवंत मान की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। सीएम भगवंत मान ने आज 21 फरवरी को नानकाना साहिब के शहीदों को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किया है। मुख्यमंत्री ने इस खास दिवस पर प्रकाश डालते हुए बताया है कि कैसे गुरुधामों की रक्षा करते हुए सैकड़ों सिखों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी।
सका श्री नानकाना साहिब के शहीदों को CM Bhagwant Mann ने किया नमन
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सका श्री नानकाना साहिब के सभी शहीदों को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किया है।
ਸਾਕਾ ਸ੍ਰੀ ਨਨਕਾਣਾ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਸਮੂਹ ਸ਼ਹੀਦਾਂ ਦੀ ਲਾਸਾਨੀ ਸ਼ਹਾਦਤ ਨੂੰ ਕੋਟਿ ਕੋਟਿ ਪ੍ਰਣਾਮ। ਗੁਰੂਧਾਮਾਂ ਦੀ ਮਾਣ ਮਰਿਯਾਦਾ ਦੀ ਰਾਖੀ ਅਤੇ ਸਤਿਕਾਰ ਦੀ ਬਹਾਲੀ ਲਈ ਕੁਰਬਾਨੀ ਦੇਣ ਵਾਲੇ ਸੂਰਬੀਰ ਸਿੰਘਾਂ ਦੀ ਇਸ ਸ਼ਹਾਦਤ ਨੂੰ ਹਮੇਸ਼ਾ ਯਾਦ ਰੱਖਿਆ ਜਾਵੇਗਾ। pic.twitter.com/K7wOpUBskg
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) February 21, 2026
सीएम भगवंत मान के आधिकारिक एक्स हैंडल से पोस्ट जारी कर लिखा गया है कि “सका श्री नानकाना साहिब के सभी शहीदों की अद्वितीय शहादत को लाखों सलाम। गुरुधामों की गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वाले इन वीर सिंहों की शहादत को सदा याद रखा जाएगा।” इस पोस्ट में एक तस्वीर भी संलग्न की गई है जिसमें गुरुद्वारा पर लहराता भगवा ध्वज नजर आ रहा है। इसका साथ ही प्रतीकात्मक रूप से लोग नजर आ रहे हैं जो गुरुधामों की रक्षा के लिए जंग लड़ रहे हैं।
गुरुधामों की रक्षा हेतु शहीद हुए थे सैकड़ों सिख!
इतिहास के पन्नों में दर्ज आज की तारीख पर 1921 में सैकड़ों सिखों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। सिख योद्धा 1921 में गुरुद्वारों को भ्रष्ट महंतों से मुक्त कराने के लिए खूनी जंग लड़े थे। इस लड़ाई में जत्थेदार भाई लक्ष्मण सिंह धारोवाली और उनके साथियों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। विभिन्न आंकड़ों के मुताबिक 86-150 सिख शहीद गुरुद्वारों की रक्षा करते-करते शहीद हुए थे। इस साके ने पूरे देश में गुस्से की लहर दौड़ाई, जिसके कारण 1925 में सिख गुरुद्वारा अधिनियम बना।
