LPU Controversy: हंगामे के बीच विश्वविद्यालय ने स्थगित किया मिड टर्म एग्जाम! 10 दिनों के लिए क्लास निलंबित, जाने पूरा मामला

LPU Controversy: रेप की अफवाहों और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच यूनिवर्सिटी की तरफ से बड़ा फैसला लिया गया है और स्टूडेंट के हित को लेकर क्या आदेश जारी किया गया। आइए जानते हैं पूरी खबर डिटेल्स में।

LPU Controversy

Photo Credit- Google LPU Controversy

LPU Controversy: इंटरनेट पर उस समय सनसनी मच गई सब शनिवार को यह खबर सामने आई की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में कथित तौर पर कैंपस के बाहर से आकर एक शख्स ने छात्रा के साथ रेप किया। इसे लेकर छात्रों के द्वारा विरोध प्रदर्शन जारी है। इस सबके बीच यूनिवर्सिटी की तरफ से बड़ा कदम उठाते हुए एक हैरान कर देने वाला फैसला लिया गया है। छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की तरफ से बड़ी घोषणा की गई है। आइए जानते हैं क्या है एलपीयू कंट्रोवर्सी जिसकी वजह से विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है।

LPU Controversy के बीच यूनिवर्सिटी ने उठाया बड़ा कदम

स्टूडेंट की तरफ से जारी विरोध प्रदर्शन और परिसर में शांति बनाए रखने को लेकर एलपीयू यूनिवर्सिटी प्रशासन की तरफ से महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जहां मिड टर्म एग्जाम को अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। वहीं 28 सितंबर से अगले 10 दिनों के लिए क्लास को निलंबित किया गया है। इसके पीछे यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया है कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और उनका कल्याण ही एकमात्र प्राथमिकता है।

छात्रों से यूनिवर्सिटी प्रशासन ने की ये अपील

एलपीयू कंट्रोवर्सी के बीच प्रशासन ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि सभी विद्यार्थियों को सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी है। इस दौरान जो भी छात्र अपने माता-पिता की सहमति से घर जाना चाहते हैं वह जा सकते हैं। वही हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को परिसर से बाहर बिना वजह न निकलने की अपील की है। विरोध प्रदर्शन और अशांति वाले कार्य से दूर रहने के लिए छात्रों को कहा गया है।

पुलिस कर रही जांच और क्या है यूनिवर्सिटी का रुख

इस मामले में पुलिस और प्रशासन द्वारा त्वरित जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए फिर दर्ज की गई है और अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। वहीं रेप की अफवाहों पर प्रतिक्रिया देते हुए एलपीयू की तरफ से कहा गया कि सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे दावे पूरी तरह निराधार हैं। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी के शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने की साजिश बताया है।

 

 

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