Punjab News: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज स्पष्ट किया कि हमारी सरकार लोगों की सेहत और वातावरण को प्रदूषण की भेंट नहीं चढ़ने देगी। उन्होंने घोषणा की कि लुधियाना के बुड्ढा नाले की लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी हल खोजना सरकार की मुख्य प्राथमिकताओं में शामिल है। पर्यावरण प्रेमी और राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल की अगुवाई में विशेष उच्च स्तरीय कमेटी की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक जल स्रोत को पुरातन रूप में बहाल करने के लिए 15 दिनों के भीतर व्यापक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए ताकि ठोस और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
पंजाब के लोगों का स्वच्छ पानी और प्रदूषण मुक्त वातावरण पर पूरा अधिकार है
बुड्ढा नाले की मौजूदा स्थिति की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की अगुवाई करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार इस ऐतिहासिक जल स्रोत को प्रदूषण मुक्त करने और इसकी पुरातन शान बहाल करने के लिए दृढ़ संकल्प है। उन्होंने कहा, “पंजाब के लोगों का स्वच्छ पानी और प्रदूषण मुक्त वातावरण पर पूरा अधिकार है। ये कोई रियायतें नहीं, बल्कि हर नागरिक के मौलिक अधिकार हैं और इनके साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार लोगों की सेहत और वातावरण को प्रदूषण की भेंट नहीं चढ़ने देगी।”
इस लंबे समय से लटक रही समस्या को हल करने के लिए निर्णायक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ने एक विशेष उच्च स्तरीय कमेटी के गठन की घोषणा की, जिसमें पर्यावरण प्रेमी और राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल, सचिव स्थानीय निकाय, उद्योग विभाग के प्रतिनिधि, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, लुधियाना पुलिस, डेयरी कॉम्प्लेक्स के दो प्रतिनिधि और अन्य संबंधित भागीदार शामिल होंगे।
कमेटी को 15 दिनों के भीतर अपनी व्यापक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बुड्ढा नाले की समस्या को आरजी कदमों या ऊपरी स्तर के सुधारों से हल नहीं किया जा सकता। इसलिए मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ एक व्यापक और स्थायी हल की जरूरत है। कमेटी को समस्या के हर पहलू की जांच करने और ठोस उपायों की सिफारिश करने के लिए स्थानीय निवासियों, उद्योगपतियों, डेयरी क्षेत्र के प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श करना चाहिए।”
बुड्ढा नाले के दूषित होने से जन स्वास्थ्य और वातावरण पर गंभीर असर पड़ रहा है
मुख्यमंत्री ने कहा कि गैर-जिम्मेदाराना तरीकों से फैले प्रदूषण की कीमत पंजाब के लोगों से नहीं वसूली जा सकती। उन्होंने कहा कि बुड्ढा नाले के दूषित होने से जन स्वास्थ्य और वातावरण पर गंभीर असर पड़ रहा है, जिसके कारण इसकी संभाल और बहाली लुधियाना और आस-पास के क्षेत्रों के लिए बेहद जरूरी हो गई है।
समयबद्ध तरीके से इस समस्या को हल करने की सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सरकारी विभागों, औद्योगिक इकाइयों और अन्य सभी हितधारकों को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि अन-सुधारित कचरा और प्रदूषण साडे जल स्रोतों में न जाए। कमेटी को सिर्फ समस्याओं की पहचान करने तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ऐसे व्यावहारिक, लागू करने योग्य और समयबद्ध उपायों की सिफारिश करनी चाहिए, जो एक स्थायी हल दे सकें।”
पंजाब को एक स्वच्छ, हरा-भरा और स्वस्थ प्रदेश बनाने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल स्रोतों की संभाल करना सिर्फ सरकार की ही जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हम सभी की साझी जिम्मेदारी है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बुड्ढा नाले की मौजूदा स्थिति और प्रदूषण को खत्म करके इस जल स्रोत को बहाल करने के लिए जरूरी कदमों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की।
इस मौके पर सांसद बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, सी.एम.डी. पावरकॉम गुरकीरत किरपाल सिंह, सचिव जल स्रोत कृष्ण कुमार, सचिव वातावरण और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के.के. यादव, सचिव स्थानीय निकाय घनश्याम थोरी, सचिव कृषि अर्शदीप सिंह थिंद, डिप्टी कमिश्नर लुधियाना हिमांशु जैन, पुलिस कमिश्नर लुधियाना स्वप्न शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।







