Punjab News: पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अमित शाह देश भर में घूमकर अलग-अलग राज्यों की समस्याओं से वाकिफ होने का दावा करते हैं, लेकिन पंजाब आने से पहले उन्हें गैंगस्टरवाद, नशा तस्करी , जबरन वसूली और आम लोगों की सुरक्षा से जुड़े देश के लोगों के सवालों का जवाब देना चाहिए। चीमा ने कहा कि आज देश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और भाजपा को अपनी जिम्मेदारी से भागने के बजाय इन सवालों का जवाब देना चाहिए।
केंद्रीय गृह मंत्रालय और संबंधित राज्य सरकारें इसकी जवाबदेही तय क्यों नहीं करतीं?
सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का मुद्दा उठाया और कहा कि उसके विरुद्ध देश के अलग-अलग हिस्सों में हत्या, जबरन वसूली और किडनैपिंग जैसे गंभीर अपराधों से जुड़े मामले दर्ज हैं। इसके बावजूद, यह तथ्य कि वह कथित तौर पर आपराधिक गतिविधियों में शामिल था और गुजरात की साबरमती जेल में रहते हुए उसे धमकी भरे कॉल आए, यह बहुत गंभीर मामला है। उन्होंने सवाल किया कि अगर जेलों के अंदर से आपराधिक नेटवर्क चलने के आरोप हैं, तो केंद्रीय गृह मंत्रालय और संबंधित राज्य सरकारें इसकी जवाबदेही तय क्यों नहीं करतीं? अमित शाह को यह साफ करना चाहिए कि ऐसे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।
चीमा ने मुंबई में अदाकार टाइगर श्रॉफ पर चली गोलियों की खबर का जिक्र करते हुए कहा कि देश में बड़े कलाकारों, बिजनेसमैन और प्रभावशाली लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जब गंभीर घटनाओं या धमकियों के संदर्भ में आपराधिक गैंग के नाम सामने आते हैं, तो यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह निष्पक्ष जांच करे और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे। चीमा ने इस घटना से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच करने और जनता के सामने तथ्य रखने की मांग की।
चीमा ने भाजपा शासित राज्यों में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि हरियाणा, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों से गैंगवार, फायरिंग, जबरन वसूली और ड्रग तस्करी की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा पूरे देश में मजबूत कानून-व्यवस्था देने का दावा करती है, लेकिन इन घटनाओं के बीच जनता जानना चाहती है कि अपराधियों का नेटवर्क तोड़ने और युवाओं को ड्रग्स से बचाने के लिए असल में क्या किया जा रहा है। चीमा के मुताबिक, सिर्फ राजनीतिक भाषणों से अपराध नहीं रोका जा सकता, इसलिए जवाबदेही, असरदार जांच और अपराधियों के विरुद्ध पक्की कार्रवाई जरूरी है।
आप नेता ने कहा कि गैंगस्टरवाद का सबसे खतरनाक पहलू यह है कि आपराधिक गिरोहों द्वारा धमकियों के आरोपों का इस्तेमाल व्यापारियों, आम नागरिकों और राजनीतिक विरोधियों को डराने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक और राजनीतिक पार्टी को बिना किसी डर के अपनी बात कहने का अधिकार है। अगर किसी व्यक्ति को धमकाकर या किसी व्यापारी से पैसे ऐंठने की कोशिश की जाती है, तो यह न सिर्फ कानून-व्यवस्था की नाकामी है, बल्कि नागरिकों की आजादी पर भी हमला है। सरकारों को राजनीतिक बदले की भावना से ऊपर उठकर ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
नशा तस्करी के विरुद्ध मिलकर कार्रवाई की जाए
चीमा ने कहा कि पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ड्रग्स के विरुद्ध अभियान चला रही है और पंजाब पुलिस अपराधियों और गैंगस्टर नेटवर्क के विरुद्ध कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार क्राइम और नशा तस्करी के मामलों में किसी को भी कानून से ऊपर नहीं मानती। इसके साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि देश भर में एक्टिव आपराधिक नेटवर्क और नशा तस्करी के विरुद्ध मिलकर कार्रवाई की जाए, ताकि क्रिमिनल्स को किसी भी राज्य में पनाह न मिले और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई हो।
वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने अमित शाह से सवाल करते हुए कहा कि उन्हें अपने पंजाब दौरे के दौरान यह साफ करना चाहिए कि साबरमती जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े कथित आपराधिक नेटवर्क पर नकेल कसने के लिए केंद्र और गुजरात सरकारों ने क्या कदम उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि जेल से धमकी भरे कॉल और फिरोती कॉल रोकने के लिए क्या असरदार सिस्टम लागू किया गया है और ऐसे मामलों में किसे जिम्मेदार ठहराया गया है। चीमा ने कहा कि जनता को भरोसा नहीं, बल्कि ठोस जवाब और कार्रवाई चाहिए।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि देश के लोग सुरक्षा, कानून का राज और डर-मुक्त माहौल चाहते हैं, न कि गैंगस्टरों के नाम पर फैलाया गया डर। उन्होंने मांग की कि भाजपा को गैंगस्टरवाद और नशा तस्करी जैसे गंभीर मुद्दों पर राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय अपनी जिम्मेदारी माननी चाहिए और ठोस नतीजे लाने चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए यह जरूरी है कि अपराधियों के विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई की जाए, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और कोई भी सरकार जनता के सवालों का जवाब देने से न कतराए।







