---Advertisement---

Punjab News: पंजाब में बैलों की दौड़ शुरू करने के लिए कानून पारित करने पर मुख्यमंत्री मान का सम्मान

Punjab News: पंजाब में कानूनी बंधनों के कारण लुप्त हो रही विरासती ग्रामीण खेलों को पुनर्जनन का ऐलान करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि राज्य सरकार विरासती खेलों को प्रफुल्लित करने के लिए सभी कानूनी बाधाएं हटाएगी ताकि हमारे महान खेल विरासत की प्राचीन शान बहाल की जा सके।

Avatar of Aarohi

By: Aarohi

Published: जुलाई 29, 2025 6:27 अपराह्न

Punjab News
Follow Us
---Advertisement---

Punjab News: पंजाब में कानूनी बंधनों के कारण लुप्त हो रही विरासती ग्रामीण खेलों को पुनर्जनन का ऐलान करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि राज्य सरकार विरासती खेलों को प्रफुल्लित करने के लिए सभी कानूनी बाधाएं हटाएगी ताकि हमारे महान खेल विरासत की प्राचीन शान बहाल की जा सके।

बड़ी संख्या में विरासती खेल प्रेमियों द्वारा मुख्यमंत्री का सम्मान किया गया


राज्य में बैल दौड़ को फिर से शुरू करने के लिए पंजाब विधानसभा में कानून पास करने के लिए आज यहां बड़ी संख्या में विरासती खेल प्रेमियों द्वारा मुख्यमंत्री का सम्मान किया गया।
इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बैलगाड़ी दौड़ केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि ये दौड़ें हमारे ग्रामीण विरासत की व्याख्या करती हैं। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से ही पंजाब में बैलगाड़ी दौड़ आयोजित की जाती रही हैं और ये हमें हमारी संस्कृति और विरासत से जोड़े रखती हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रथम पातशाह श्री गुरु नानक देव जी ने करतारपुर साहिब में लंबे समय तक बैलों के साथ खेती की थी। उन्होंने कहा कि बैल दौड़ पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून लागू होने से जहां विरासती खेल प्रेमियों को बड़ा झटका लगा था, वहीं हमारी पारंपरिक खेल विरासत को भी ठेस पहुंची थी। उन्होंने कहा कि पंजाबियों द्वारा दौड़ शुरू करने के लिए कानून लाने की लगातार मांग की जा रही थी।

कानून जहां पंजाब की देसी पशु नस्लों को बचाने में मदद करेगा

उन्होंने बताया कि 11 जुलाई, 2025 को ‘पंजाब विधानसभा में पशु क्रूरता निवारण (पंजाब संशोधन), 2025’ को सर्वसम्मति से पास किया गया। भगवंत सिंह मान ने बताया कि यह कानून जहां पंजाब की देसी पशु नस्लों को बचाने में मदद करेगा, वहीं बैलगाड़ी दौड़ फिर से शुरू करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने बताया कि भारत के राष्ट्रपति द्वारा इस कानून को मंजूरी दी जानी है, जिसके बाद बैल दौड़ आयोजित की जा सकेंगी।
नए कानून का जिक्र करते हुए भगवंत सिंह मान ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य खेलों में भाग लेने वाले पशुओं के लिए सुरक्षा उपाय, पशुओं की पशु चिकित्सा निगरानी, सुरक्षा मानदंड, पंजीकरण और दस्तावेजीकरण के अलावा उल्लंघन के लिए जुर्माने की व्यवस्था करना है ताकि मूक प्राणियों को किसी भी प्रकार के अत्याचार का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा कबूतर बाजी को फिर से शुरू करने की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी।

1933 में शुरू हुए इन खेलों को “मिनी ओलंपिक” या “ग्रामीण ओलंपिक” कहा जाता है


गांव किला रायपुर में होने वाले खेलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 1933 में शुरू हुए इन खेलों को “मिनी ओलंपिक” या “ग्रामीण ओलंपिक” कहा जाता है। उन्होंने कहा कि इन खेलों की चर्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो चुकी है। इन खेलों को बीबीसी और डिस्कवरी जैसे बड़े चैनलों ने कवर किया है और यहां तक कि देश के राष्ट्रपति भी इन खेलों को देखने आते रहे हैं।
पंजाब सरकार द्वारा ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान में लोगों के मिल रहे भरपूर समर्थन के लिए धन्यवाद देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे की समस्या किसी एक घर या जिले की नहीं है, बल्कि पंजाब के कई युवा नशे की भेंट चढ़ गए हैं। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि लोगों के घरों में तबाही फैलाने वाले समाज के दुश्मन हैं और ऐसे लोगों के साथ किसी भी तरह का लिहाज नहीं किया जा सकता। भगवंत सिंह मान ने कहा कि नशे के खिलाफ जंग के तहत नशा तस्करों के घरों पर बुलडोजर चलाने की मुहिम जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा जेल में सजा काट रहे राजनीतिक नेता के मानवाधिकारों के प्रति व्यक्त चिंता पर सवाल उठाते हुए पूछा कि उन्होंने पंजाब के लोगों के लिए ऐसी चिंता क्यों नहीं दिखाई।
खेतों की सिंचाई के लिए नहरी पानी की प्रचुरता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उन्होंने पद संभाला था, तब केवल 21 प्रतिशत नहरी पानी सिंचाई के लिए उपयोग हो रहा था, लेकिन आज यह बढ़कर 63 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के ठोस प्रयासों के कारण पहली बार राज्य के आखिरी गांवों तक नहरों और नदियों का पानी टेल तक पहुंचा है। भगवंत सिंह मान ने यह भी बताया कि धान के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार हुआ कि सिंचाई के लिए पानी की अधिकता के कारण किसानों को ट्यूबवेल बंद रखने पड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने निजी कंपनी के स्वामित्व वाले गोइंदवाल पावर प्लांट को खरीदकर इतिहास रचा है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब सरकार ने कोई निजी पावर प्लांट खरीदकर उल्टा रुझान शुरू किया है, जबकि पहले राज्य सरकारें अपने चहेतों को मामूली कीमतों पर सरकारी संस्थान बेचने की आदी रही हैं। इस प्लांट का नाम तीसरे गुरु साहिब श्री गुरु अमरदास जी के नाम पर रखा गया है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डीयां और हरदीप सिंह मुंडियां सहित अन्य हस्तियां मौजूद थी।

For Feedback - feedback@dnpnewsnetwork.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

Health

मार्च 30, 2026

Punjab News

मार्च 29, 2026

Punjab News

मार्च 29, 2026

Punjab News

मार्च 29, 2026

Rain Alert 30 March 2026

मार्च 29, 2026

कल का मौसम 30 March 2026

मार्च 29, 2026