Punjab News: आज आम आदमी पार्टी के वॉलिंटियरो और नेताओं ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का लुधियाना में काले झंडों से स्वागत किया। “पूर्वांचल सम्मान रैली” में शामिल होने आए सैनी का काफिला जैसे ही धुरी लाइन रेलवे ओवर ब्रिज से उतरा, ‘आप’ कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ नारेबाजी की और काले झंडे दिखाकर पंजाब के प्रति भाजपा की भेदभावपूर्ण नीतियों का विरोध जताया।
भाजपा ने हमेशा पंजाब विरोधी रुख अपनाया है
आतम नगर से ‘आप’ विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “हम आज इसलिए विरोध कर रहे हैं क्योंकि भाजपा ने हमेशा पंजाब विरोधी रुख अपनाया है। वे केंद्र में बैठकर पंजाब के स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास के फंड रोकते हैं, और यहां आकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश करते हैं। पंजाब की जनता भोली नहीं है, वह इनके चेहरे को अच्छी तरह पहचानती है।”
इस मौके पर ‘आप’ के लोकसभा इंचार्ज शरणपाल सिंह मकड़ ने भी प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “पंजाब के लोग भाजपा के झूठे प्रचार से अच्छी तरह वाकिफ हैं। आज का यह प्रदर्शन भाजपा और इसके नेताओं को एक स्पष्ट संदेश है कि वे पंजाब में आकर अपनी किसान विरोधी, व्यापार विरोधी और पंजाब विरोधी नीतियों पर परदा नहीं डाल सकते। आपको प्रचार करने का हक है, लेकिन पंजाब की कानून व्यवस्था के बारे में झूठे सवाल खड़े करके लोगों को गुमराह मत करो।”
कानून व्यवस्था बनाए रखने में पंजाब देश में दूसरे नंबर पर है
प्रदर्शन के दौरान ‘आप’ के जिला प्रधान लुधियाना शहरी जतिंदर खंगूड़ा ने आंकड़े पेश करते हुए भाजपा पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, “हरियाणा के मुख्यमंत्री को पंजाब को लेक्चर देने से पहले अपने प्रदेश के हालात पर नजर डालनी चाहिए। केंद्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक, कानून व्यवस्था बनाए रखने में पंजाब देश में दूसरे नंबर पर है, जबकि हरियाणा में 2023 में 1000 से ज्यादा और 2024 में 900 से ज्यादा हत्याएं हुईं। वहां महिलाओं और दलितों के खिलाफ अत्याचार की घटनाएं भी काफी ज्यादा हैं। पंजाब के किसानों पर कर्ज का बोझ उस वक्त बढ़ा जब भाजपा यहां सत्ता में थी। झूठे बयानों से आंकड़े नहीं बदले जा सकते।”
‘आप’ नेताओं का कहना था कि हरियाणा सरकार को पंजाब में राजनीतिक लाभ लेने की बजाय अपने प्रदेश की गंभीर समस्याओं को हल करना चाहिए। इससे पहले भाजपा द्वारा आयोजित पूर्वांचल सम्मान रैली में सीएम सैनी के अलावा पंजाब भाजपा के बड़े नेता भी मौजूद थे। लेकिन बाहर ‘आप’ वॉलिंटियरो के विरोध ने उनके इस राजनीतिक जमावड़े को फीका कर दिया।






