---Advertisement---

Punjab News: पिछली सरकारों ने एक दशक से अधिक समय तक युवाओं को नौकरियों से वंचित रखा, ‘आप’ सरकार ने केवल चार वर्षों में मेरिट के आधार पर बिना रिश्वत के 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियाँ दीं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘मिशन रोजगार’ पहल के तहत आज विभिन्न विभागों में भर्ती हुए 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे, जिससे पिछले चार वर्षों में पंजाब सरकार द्वारा दी गई सरकारी नौकरियों की संख्या बढ़कर 65,264 हो गई है।

Avatar of Aarohi

By: Aarohi

Published: मार्च 12, 2026 10:39 अपराह्न

Punjab News
Follow Us
---Advertisement---

Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘मिशन रोजगार’ पहल के तहत आज विभिन्न विभागों में भर्ती हुए 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे, जिससे पिछले चार वर्षों में पंजाब सरकार द्वारा दी गई सरकारी नौकरियों की संख्या बढ़कर 65,264 हो गई है।

विभिन्न विभागों में 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं

नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस उपलब्धि को पंजाब के युवाओं के लिए पारदर्शी और मेरिट के आधार पर रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, “आज विभिन्न विभागों में 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं।” उन्होंने बताया कि इनमें बिजली विभाग में 459, स्थानीय निकाय विभाग में 215, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 129 तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग में 15 प्रोफेसर और सहायक प्रोफेसर शामिल हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार अब तक पूरे राज्य में युवाओं को 65,264 सरकारी नौकरियाँ दे चुकी है।

सरकार द्वारा लगातार रोजगार सृजन पर ध्यान देने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि बिजली विभाग में इस समय 1,750 और उम्मीदवारों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है, जो जून 2026 तक पूरी हो जाएगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ये सभी नौकरियाँ पूरी तरह योग्यता, पारदर्शिता और बिना किसी सिफारिश के दी गई हैं।” उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता के कारण कई उम्मीदवारों को विभिन्न विभागों में एक से अधिक नौकरियाँ भी मिली हैं।

साल 2022 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक दशक से अधिक समय तक पंजाब के युवाओं को लगातार सरकारों द्वारा सरकारी नौकरियों से वंचित रखा गया। उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि लगभग एक दशक से अधिक समय तक पंजाब के युवाओं को सरकारी नौकरियाँ नहीं दी गईं। इन सरकारों ने हमारी पीढ़ियों का भविष्य बर्बाद कर दिया, इसलिए वे किसी भी तरह की सहानुभूति के हकदार नहीं हैं।” उन्होंने आगे कहा कि पद संभालने के बाद पंजाब सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मिशन रोजगार शुरू किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने राज्य के हर गाँव, कस्बे और शहर में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सुनिश्चित किए हैं। उन्होंने नव-नियुक्त युवाओं को ईमानदारी, समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज से ये युवा सरकार के परिवार का हिस्सा बन गए हैं और मिलकर हम पंजाब को फिर से ‘रंगला पंजाब’ बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।”

सरकारी नौकरियों के लिए कोई न कोई परीक्षा आयोजित की जा रही है

नए भर्ती हुए युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सफलता अपने भीतर कई कहानियाँ समेटे होती है, जबकि असफलता का कोई किस्सा नहीं होता। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत, प्रतिबद्धता और लगन हर व्यक्ति की सफलता की कुंजी हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब में हर दिन सरकारी नौकरियों के लिए कोई न कोई परीक्षा आयोजित की जा रही है, जो युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोल रही है।” उन्होंने कहा कि हर सरकारी अधिकारी पंजाब की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि युवाओं को नौकरी देना कोई एहसान नहीं है, बल्कि उनकी प्रतिभा और योग्यता के आधार पर उन्हें सही अवसर देना है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इन युवाओं को पूरी तरह योग्यता के आधार पर नौकरियाँ मिली हैं।” उन्होंने युवाओं से सरकारी व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनने और मिशनरी भावना के साथ लोगों की सेवा करने की अपील की।

भर्ती हुए युवाओं को समाज की भलाई के लिए काम करने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि वे अपने पदों का उपयोग जरूरतमंद और वंचित वर्गों की सहायता के लिए करेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और कड़ी प्रतिस्पर्धा के माध्यम से की गई है। उन्होंने नए भर्ती हुए युवाओं से लोगों की अधिकतम भलाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया ताकि समाज के हर वर्ग को इसका लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब सरकार सरकारी खजाने के हर एक पैसे का उपयोग लोगों की भलाई के लिए कर रही है। उन्होंने बताया कि पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और किसानों को अब दिन के समय बिजली मिल रही है, जो एक मिसाल है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “एक ऐसे समय में जब देश की संपत्तियां केंद्र सरकार द्वारा अपने चहेतों को मामूली कीमतों पर सौंपी जा रही थीं, उस समय पंजाब सरकार ने एक निजी थर्मल प्लांट खरीदकर इतिहास रचा है।”

मुख्यमंत्री ने महिलाओं की भलाई के लिए पंजाब सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ‘मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना’ के तहत सामान्य वर्ग की 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये वित्तीय सहायता के रूप में दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आम लोगों, खासकर गरीबों के लिए 1,000-1,500 रुपये बहुत महत्वपूर्ण हैं।” उन्होंने इस सहायता को माताओं और बेटियों के सम्मान का प्रतीक बताया।

पैसे से एक बार के भोजन पर 5,000 रुपये से अधिक खर्च कर देते हैं, वे 1,000 रुपये की कीमत को नहीं समझ सकते

मुख्यमंत्री ने टिप्पणी की कि जो लोग इस योजना का मजाक उड़ा रहे हैं या बेबुनियाद सवाल उठा रहे हैं, वे आम नागरिकों के लिए 1,000 रुपये के महत्व को समझने में असफल हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जो लोग अवैध तरीके से कमाए गए पैसे से एक बार के भोजन पर 5,000 रुपये से अधिक खर्च कर देते हैं, वे 1,000 रुपये की कीमत को नहीं समझ सकते, जो उन लोगों के लिए बड़ी वित्तीय सहायता है जिन्हें त्योहारों पर भी काम करने जाना पड़ता है।” उन्होंने कहा कि ऐसे अमीर नेता और उनके परिवार आम घरों के लिए इस सहायता के महत्व को नहीं समझ सकते।

समारोह स्थल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भले ही इसे विकास भवन कहा जाता है, लेकिन यहां से बड़ी संख्या में नौकरियां मिलने के कारण इसका नाम ‘अपॉइंटमेंट लेटर भवन’ रखा जा सकता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि 65,000 से अधिक युवाओं को केवल योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।” उन्होंने कहा कि यह पंजाब के लिए एक सकारात्मक संकेत है कि अब पंजाब में सरकारी नौकरियां पाने के लिए विदेशों से युवाओं की वापसी का रुझान देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने यह भी टिप्पणी की कि पारंपरिक पार्टियां पंजाब सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए जन-केंद्रित शासन मॉडल से असहज महसूस कर रही हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ये पार्टियां सत्ता के लिए कुर्सी की राजनीति करती थीं और लोगों व देश को लूटने के लिए बारी-बारी से शासन करती थीं।” उन्होंने आगे कहा कि यह राजनीति तब खत्म हुई जब पंजाब के लोगों ने मौजूदा सरकार को बड़ा जनादेश दिया, जिससे जनहितकारी पहलों की एक श्रृंखला शुरू हुई।

– नए भर्ती हुए युवाओं ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं; मेरिट आधारित चयन के जरिए सरकारी नौकरियां मिलने पर जताया आभार

इस दौरान कई नए भर्ती हुए उम्मीदवारों ने पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए नौकरियां देने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। नाभा के जगजीत सिंह ने कहा कि पिछली सरकारों के ढीले रवैये के कारण उन्हें सरकारी नौकरी मिलने की उम्मीद खत्म हो गई थी, लेकिन ‘आप’ सरकार बनने के बाद उनमें फिर से उम्मीद जगी। फिरोजपुर के तजिंदर सिंह ने कहा कि जब उन्हें नौकरी के संबंध में फोन आया तो उनके परिवार को डर था कि उन्हें रिश्वत देनी पड़ेगी, लेकिन उन्होंने बिना एक भी पैसा खर्च किए नौकरी प्राप्त की।

मलेरकोटला की गुरप्रीत कौर, जो इस समय डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में काम कर रही हैं, ने कहा कि उन्होंने अब मेरिट के आधार पर सहकारी इंस्पेक्टर के रूप में दूसरी नौकरी प्राप्त की है। इसी तरह जालंधर के दिनेश बत्रा ने कहा कि उन्होंने पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए पीएसपीसीएल में एजेएस मैकेनिकल के रूप में अपनी दूसरी नौकरी प्राप्त की है।

आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के एक महीने बाद कनाडा से वापस आ गए थे

तलवाड़ा के ईशान चौधरी ने कहा कि वे अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी के सदस्य हैं जिन्हें पीएसपीसीएल में सेवा करने का अवसर मिला है। पटियाला के सुखमनप्रीत सिंह ने कहा कि वे आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के एक महीने बाद कनाडा से वापस आ गए थे और अब उन्होंने पीएसपीसीएल में अपनी दूसरी नौकरी प्राप्त की है।

पटियाला के गांव भूतगढ़ के धर्मिंदर सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि वे पहले ईंटों के भट्टे पर मजदूर के रूप में काम करते थे, लेकिन अब एक पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए उन्हें सरकारी नौकरी मिली है। श्री मुक्तसर साहिब के डॉ. नवजोत सिंह मान ने बताया कि दंत चिकित्सकों को 36 वर्षों के अंतराल के बाद सरकारी नौकरियां मिली हैं। इससे पहले दंत चिकित्सकों का आखिरी बैच 1990 में भर्ती किया गया था। उम्मीदवारों ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया कि वे केवल मेरिट और पारदर्शिता के आधार पर सरकारी नौकरियां दे रहे हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा और डॉ. बलबीर सिंह भी मौजूद थे।

For Feedback - feedback@dnpnewsnetwork.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

Punjab News

मार्च 12, 2026

Punjab News

मार्च 12, 2026

Punjab News

मार्च 12, 2026

Punjab News

मार्च 12, 2026

CM Bhagwant Mann

मार्च 12, 2026

Bhagwant Mann

मार्च 12, 2026