---Advertisement---

Punjab News: ‘आप’ सरकार के दौरान शिक्षा क्षेत्र में पंजाब के स्कूलों ने बाजी मारी, राष्ट्रीय सर्वेक्षण में केरल को पछाड़कर अग्रणी बना पंजाब- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज “शानदार चार साल भगवंत मान दे नाल” श्रृंखला के तहत पंजाब सरकार की “शिक्षा क्रांति” का चार सालों का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इस रिपोर्ट कार्ड में बताया गया कि निरंतर सुधारों के कारण सरकारी स्कूल मॉडल संस्थानों में बदल रहे हैं, जिसके देश भर में शानदार नतीजे सामने आ रहे हैं।

Avatar of ROZY ALI

By: ROZY ALI

Published: मार्च 30, 2026 10:58 अपराह्न

Punjab News
Follow Us
---Advertisement---

Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज “शानदार चार साल भगवंत मान दे नाल” श्रृंखला के तहत पंजाब सरकार की “शिक्षा क्रांति” का चार सालों का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इस रिपोर्ट कार्ड में बताया गया कि निरंतर सुधारों के कारण सरकारी स्कूल मॉडल संस्थानों में बदल रहे हैं, जिसके देश भर में शानदार नतीजे सामने आ रहे हैं।‘शिक्षा क्रांति’ को पंजाब के विकास की रीढ़ की हड्डी बताते हुए मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय मूल्यांकन में शीर्ष रैंकिंग, रिकॉर्ड शैक्षणिक नतीजे, जीरो पेपर लीक और बुनियादी ढांचे तथा शिक्षक प्रशिक्षण में किए गए बेमिसाल निवेश पर प्रकाश डाला।

‘आप’ सरकार द्वारा इस क्षेत्र को दी जा रही प्राथमिकता को दर्शाता है

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बदलाव को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक वित्तीय प्रबंध किए गए हैं। वर्ष 2021-22 में शिक्षा बजट 12,657 करोड़ रुपए था, जो 2026-27 में बढ़ाकर 19,279 करोड़ रुपए कर दिया गया है। यह ‘आप’ सरकार द्वारा इस क्षेत्र को दी जा रही प्राथमिकता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शिक्षा रिपोर्ट कार्ड निरंतर जवाबदेही प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे पहले सिंचाई, स्वास्थ्य, खेल और कानून व्यवस्था जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भी चार सालों की कार्यगुजारी संबंधी ऐसा रिपोर्ट कार्ड पेश किया गया था और ये नतीजे शासन के सभी हिस्सों में सरकार द्वारा दिए जा रहे विशेष ध्यान को दिखाते हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्कूल और उच्च शिक्षा में किए गए व्यापक सुधारों की रूपरेखा पेश की, जिसमें पिछले चार सालों में किए गए ढांचागत सुधार, रिकॉर्ड निवेश और नतीजों को उजागर किया गया। उन्होंने कहा, “शिक्षा को प्राथमिकता देने वाले देशों ने हर क्षेत्र में तरक्की की है। हमारे देश में शिक्षा को निजी और सरकारी स्कूलों में बांट दिया गया था, जिससे शिक्षा में गहरा खाई पैदा हो गई। पिछली सरकारों ने स्कूलों को सिर्फ मिड-डे मील के केंद्रों तक सीमित कर दिया था, लेकिन हमारी सरकार ने पूरी व्यवस्था को बदल दिया है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकारी स्कूलों में अब प्राइवेट स्कूलों के बराबर सुविधाएं दी जा रही हैं, जिससे माता-पिता को बेहतर विकल्प मिलेगा। एक अप्रैल से माता-पिता को उनके बच्चे की स्कूल से अनुपस्थिति और शिक्षकों की छुट्टी के बारे में भी सूचित किया जाएगा, जिससे हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकेगी। कई अन्य राज्यों खासकर गुजरात के उलट पिछले चार सालों में पंजाब में एक भी पेपर लीक की घटना सामने नहीं आई, जो बेहद गर्व की बात है।”
प्रशासन में शिक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “शिक्षा किसी भी राज्य या देश की तरक्की और खुशहाली में सबसे ज्यादा योगदान देती है। पिछले चार सालों में हमने इस क्षेत्र को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी है। पहले ‘स्मार्ट स्कूल’ के नाम पर लोगों और मासूम बच्चों को गुमराह किया गया था। स्कूलों को सिर्फ पेंट करके सुंदर बनाया जाता था, लेकिन उनमें उचित सुविधाएं या शिक्षकों की कमी रहती थी। आज पंजाब के सरकारी स्कूल निजी संस्थानों के बराबर खड़े हैं और हमारे शिक्षा मॉडल की चर्चा पूरे देश में हो रही है।”
शिक्षा के लिए वित्तीय प्रतिबद्धता को उजागर करते हुए उन्होंने कहा, “वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 19,279 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है, जो पिछले साल से 7 प्रतिशत ज्यादा है। हम 3,500 करोड़ रुपए के साथ शिक्षा क्रांति के दूसरे चरण की शुरुआत कर रहे हैं। इसके तहत विश्व बैंक के साथ साझेदारी की गई है, जो इसे देश का सबसे बड़ा शिक्षा सुधार कार्यक्रम बनाता है।”

गुजरात 16वें और हरियाणा लगभग 7वें या 8वें स्थान पर है

मुख्य उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “नेशनल अचीवमेंट सर्वे-2024 में पंजाब ने केरल को भी पछाड़कर पहला स्थान प्राप्त किया है, जबकि गुजरात 16वें और हरियाणा लगभग 7वें या 8वें स्थान पर है। यह उपलब्धि हमारे सरकारी स्कूल के शिक्षकों और विद्यार्थियों की है।”
उन्होंने कहा, “हाल के वर्षों में 740 विद्यार्थियों ने जेईई परीक्षा और 1284 ने नीट परीक्षा पास की है। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने सर्वे में राष्ट्रीय औसत से 18 प्रतिशत अधिक अंक प्राप्त किए हैं।”
संस्थागत विस्तार के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें से 60 पहले ही कार्यशील हैं। ये स्कूल प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उनकी योग्यताओं और रुचियों के अनुसार शिक्षा प्रदान करके उनके सपनों को साकार करने में मदद कर रहे हैं। पहली बार 24 लाख माता-पिता ने मेगा पी.टी.एम. में हिस्सा लिया है।”
उन्होंने आगे कहा कि इन स्कूलों में 30,000 विद्यार्थियों को मुफ्त वर्दियां प्रदान की गई हैं और मेडिकल व नॉन-मेडिकल समेत हर स्ट्रीम की पढ़ाई उपलब्ध है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी, नीट, जेईई और कलैट जैसी परीक्षाओं के लिए कोचिंग भी दी जा रही है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इसके अलावा स्कूल ऑफ एमिनेंस और सरकारी स्कूलों में लड़कियों के लिए मुफ्त बस सेवाएं शुरू की गई हैं ताकि कोई भी लड़की शिक्षा से वंचित न रहे। लगभग 15,500 विद्यार्थी इससे लाभ उठा रहे हैं।

हम प्रिंसिपलों और शिक्षकों के लिए विश्वस्तरीय प्रशिक्षण भी सुनिश्चित कर रहे हैं

उन्होंने आगे कहा कि अप्रैल 2022 से 14,525 शिक्षकों की भर्ती की गई है और शिक्षा विभाग के 12,316 कर्मचारियों की सेवाएं रेगुलर की गई हैं। साथ ही हम प्रिंसिपलों और शिक्षकों के लिए विश्वस्तरीय प्रशिक्षण भी सुनिश्चित कर रहे हैं।
क्षमता निर्माण के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य के लिए 264 शिक्षा अधिकारियों, प्रिंसिपलों और शिक्षकों के आठ बैच सिंगापुर भेजे गए हैं। साथ ही 216 प्राइमरी शिक्षकों के तीन बैच फिनलैंड के तुर्कू में प्रशिक्षण के लिए भेजे गए। पांच बैच आई.आई.एम. अहमदाबाद भेजे गए, जहां 249 मुख्य शिक्षकों ने लीडरशिप प्रशिक्षण प्राप्त किया। अमृतसर के सैंसरा कलां के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की साइंस शिक्षिका गगनदीप कौर ने कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी, अमेरिका में दो महीने के कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जो हमारे शिक्षकों के समर्पण और क्षमता को दर्शाता है।
बुनियादी ढांचे और सुरक्षा के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सरकारी स्कूलों में उचित रखरखाव और सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। इस उद्देश्य के लिए कुल 1,932 कैंपस मैनेजर, 1,323 सुरक्षा गार्ड, 7,876 सफाई कर्मचारी और 1,792 चौकीदार भर्ती किए गए हैं। साथ ही 20 करोड़ रुपए के बजट से सभी सरकारी स्कूलों में हाई-स्पीड फाइबर वाई-फाई सुविधा दी गई है, जिससे पंजाब इस पहल करने वाला देश का एकमात्र राज्य बन गया है।
उन्होंने आगे कहा कि इसके साथ ही नए क्लासरूम, साइंस लेबोरेटरी, कंप्यूटर लैब, बहुउद्देशीय कमरे, रसोइयां, मेडिकल रूम, हेड रूम, खेल के मैदान और लड़कों व लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए गए हैं। विद्यार्थियों को अब समय पर किताबें मिल रही हैं और मुफ्त वर्दियां प्रदान की जा रही हैं। इसके अलावा 25 सरकारी स्कूलों का नाम शहीदों, आजादी के घुड़सवारों और प्रमुख व्यक्तित्वों के नाम पर रखा गया है।
नवाचार और अनुसंधान की दिशा में उठाए गए कदमों को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि बिजनेस ब्लास्टर स्कीम विद्यार्थियों में उद्यमी सोच को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है, जिन्होंने अपने नवीनतम विचारों के माध्यम से सामूहिक रूप से 70 करोड़ रुपए कमाए हैं। पंजाब पहला राज्य है जिसने 11वीं कक्षा में उद्यमिता को एक विषय के रूप में पेश किया है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को नौकरी ढूंढने वाले नहीं, बल्कि नौकरियां देने वाले बनाना है।
स्कूल मेंटरशिप प्रोग्राम (विद्यार्थियों को दिशा देने का उपक्रम) पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह कार्यक्रम पहली बार शुरू किया गया है, जहां आई.ए.एस., आई.पी.एस. और सीनियर अधिकारी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को मनाने के हिस्से के रूप में विद्यार्थियों को गुरु साहिब के महान जीवन और लामिसाल कुर्बानी के बारे में जागरूक करने के लिए 15 दिनों का कार्यक्रम करवाया गया था।

श्री आनंदपुर साहिब में गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर एक विश्वस्तरीय यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी

उच्च शिक्षा सुधारों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब ने देश की पहली ‘डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी नीति-2026’ पेश की है। श्री आनंदपुर साहिब में गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर एक विश्वस्तरीय यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी। गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर ने गांवों के विद्यार्थियों के लिए पहुंच बेहतर बनाने के लिए ‘पंजाबी-फर्स्ट नीति’ लागू की है और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकारी डिग्री कॉलेजों के लिए ऑनलाइन एडमिशन पोर्टल शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि 10 नए डिग्री कॉलेजों की योजना बनाई गई है और अजनाला के बिकरौर में एक कॉलेज का निर्माण चल रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि भाषाई और सांस्कृतिक पहलों को मजबूती देने के लिए पंजाब भाषा एक्ट के तहत सरकारी कामकाज में पंजाबी को 100 प्रतिशत अनिवार्य बनाया गया है। पंजाबी साहित्य का डिजिटलीकरण चल रहा है और अब तक 18,550 किताबें डिजिटल की जा चुकी हैं। इसके अलावा 592 दुर्लभ हस्तलिखितों की संरक्षण के साथ-साथ उन्हें डिजिटल किया गया है और 100 से अधिक किताबें अब ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
उन्होंने आगे कहा कि ‘शब्दमाला ई-डिक्शनरी’ को कई पंजाबी शब्दकोशों के साथ एंड्रॉइड एप के रूप में लॉन्च किया गया है। उन्होंने बताया कि नई दिल्ली के पंजाब भवन में 60 प्रमुख पंजाबी साहित्यिक व्यक्तित्वों की तस्वीरें लगाई गई हैं और पंजाबी, हिंदी व उर्दू में सर्वोत्तम किताबों के लिए पुरस्कार भी वितरित किए गए हैं।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

For Feedback - feedback@dnpnewsnetwork.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

Punjab News

मई 25, 2026

Punjab News

मई 25, 2026

Punjab News

मई 25, 2026

Heatwave Alert 26 May 2026

मई 25, 2026

CM Bhagwant Mann

मई 25, 2026

CM Bhagwant Mann

मई 25, 2026