Punjab News:मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के प्रकाश पर्व के संबंध में धूरी की गांधी बस्ती में विशाल शोभा यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने महर्षि भगवान वाल्मीकि द्वारा दिखाए गए सत्य, धर्म, समानता और न्याय के मार्ग पर चलने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। रामायण की सनातन शिक्षाओं का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि गुरु साहिबान, संतों और पीर-फकीरों की पवित्र भूमि पंजाब मानवता, स्वाभिमान और सांप्रदायिक सद्भाव के मूल्यों पर कायम रहेगी, जहां नफरत के बीज कभी नहीं उग सकते।
पंजाब के सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने ‘नीट’ की परीक्षा पास की है
शिक्षा को जीवन बदलने का सबसे शक्तिशाली साधन बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष पंजाब के सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने ‘नीट’ की परीक्षा पास की है, जबकि 2021 में यह संख्या केवल 80 थी। यह इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा किस प्रकार गरीब परिवारों के बच्चों के लिए सुनहरे भविष्य के रास्ते खोल रही है।
इस अवसर की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज संगरूर के धूरी हल्के की गांधी बस्ती में महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के प्रकाश पर्व समारोहों की श्रृंखला के तहत सजाई गई विशाल शोभा यात्रा में शिरकत की और औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाकर शोभा यात्रा रवाना की। महर्षि भगवान वाल्मीकि जी द्वारा रचित पवित्र रामायण नेकी, सच्चाई और समानता का सनातन संदेश देती है। उनकी महान शिक्षाएं आज भी हमारे समाज के लिए मार्गदर्शक का काम कर रही हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “कल मनाए जा रहे महर्षि भगवान वाल्मीकि जयंती के शुभ अवसर पर पंजाब तथा देश-विदेशों में बसती समूह संगत को लाखों मुबारकबाद। आइए, सभी महर्षि भगवान वाल्मीकि जी द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलें और उनकी उच्च-पवित्र शिक्षाओं को अपने जीवन में धारण करने का संकल्प लें।”
महर्षि भगवान वाल्मीकि जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “संस्कृत साहित्य के पितामह और आदि कवि महर्षि भगवान वाल्मीकि जी ने दुनिया को रामायण जैसा अमर महाकाव्य दिया, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का सनातन संदेश देता है। नैतिकता, आदर्श नेतृत्व और धार्मिक आचरण के बारे में इसकी शिक्षाओं ने पीढ़ियों का मार्गदर्शन किया है और यह आज भी पूरी तरह प्रासंगिक हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “आज के भौतिकवादी युग में हमें सत्य, मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी के मूल्यों को मजबूत करने की आवश्यकता है। महर्षि भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाएं हमें याद दिलाती हैं कि धर्म, समानता और हर मनुष्य का सम्मान ही समाज की नींव होनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि पंजाब भाग्यशाली है कि इसका संबंध महर्षि भगवान वाल्मीकि जी की पवित्र विरासत से है, जिन्होंने इस पवित्र भूमि पर भगवान राम के पुत्रों लव और कुश को ज्ञान तथा शस्त्र विद्या दी। उन्होंने कहा कि महान संतों, गुरुओं, ऋषि-मुनियों और शहीदों ने हमेशा लोगों को विभाजनों से ऊपर उठकर एकता, सांप्रदायिक सद्भाव और समानता पर आधारित समाज की रचना के लिए प्रेरित किया है।
शिक्षा की परिवर्तनकारी शक्ति पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सबसे कारगर हथियार है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे अब देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाएं पास कर रहे हैं, जिससे यह साबित होता है कि योग्यता किसी की मोहताज नहीं होती।”
उन्होंने कहा, “हर साल 30 लाख से अधिक विद्यार्थी नीट की परीक्षा में बैठते हैं और यह बहुत ही गर्व की बात है कि हाल ही में घोषित परिणामों में पंजाब के सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने यह परीक्षा पास की है।”
सरकारी स्कूलों की शिक्षा में आए सुधार का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “वर्ष 2021 में सरकारी स्कूलों के केवल 80 विद्यार्थियों ने नीट पास किया था। आज यह संख्या बढ़कर 882 हो गई है, जो मात्र चार वर्षों में लगभग 11 गुना वृद्धि है। यह उपलब्धि हमारे सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए किए जा रहे शानदार प्रयासों को दर्शाती है।”
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि इसलिए भी बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इनमें से अधिकतर विद्यार्थी साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से संबंधित हैं। “इनके माता-पिता में रेहड़ी-फड़ी वाले, छोटे दुकानदार, सब्जी बेचने वाले और अन्य मेहनतकश लोग शामिल हैं, जो अपने बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। कोई रेहड़ी चलाता है, कोई छोटी दुकान चलाता है और कोई सब्जी बेचकर गुजारा करता है। फिर भी उनके बच्चे अब ‘नीट’ जैसी परीक्षाएं पास करके डॉक्टर बनने की ओर बढ़ रहे हैं।”
कल्याण योजनाओं पर निर्भर रखकर खत्म नहीं किया जा सकता
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह शिक्षा की असली ताकत है और यही बदलाव हम पंजाब में लाना चाहते हैं। गरीबी को केवल आर्थिक मदद या राशन कार्डों और अन्य कल्याण योजनाओं पर निर्भर रखकर खत्म नहीं किया जा सकता। असली आर्थिक सामर्थ्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से आती है, जो बच्चों को सम्मानजनक करियर बनाने और अपने परिवारों का भविष्य सुरक्षित करने के योग्य बनाती है।”
उन्होंने आगे कहा, “कल्याण सुविधाएं सहारा दे सकती हैं लेकिन शिक्षा बच्चों को अपने पूरे परिवार का भविष्य बदलने की ताकत देती है। अपने बच्चों को पढ़ाओ और उन्हें अफसर, डॉक्टर और पेशेवर बनने में मदद करो ताकि वे अपने परिवारों को गरीबी से बाहर निकाल सकें। जब किसी गरीब घर का बच्चा डॉक्टर, अफसर या सफल पेशेवर बनता है तो यह उपलब्धि न केवल उस बच्चे की जिंदगी बदलती है, बल्कि उसके पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी संवार देती है।”
इस पवित्र अवसर पर बड़ी संख्या में पहुंची संगत का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने माताओं, बहनों, बुजुर्गों, नौजवानों और बच्चों का अपनी रोजाना की जिम्मेदारियों के बावजूद शोभा यात्रा में शामिल होने के लिए तहे दिल से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, “मैं आज हमारे साथ जुड़ी समूह संगत का तहे दिल से धन्यवाद करता हूं। हमारी माताओं, बहनों, भाइयों और बच्चों की मौजूदगी इस पवित्र अवसर को और भी खास बनाती है।”
उन्होंने कहा कि महर्षि भगवान वाल्मीकि जी और अन्य महान आध्यात्मिक शख्सियतों की शिक्षाएं लोगों को मानवता और आपसी सम्मान पर कायम रहने के लिए प्रेरित करती रहेंगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब और देश के महान संतों, गुरुओं और शहीदों का संदेश हमेशा एक ही रहा है: एकता, समानता, दया और हर मनुष्य का सम्मान। महर्षि भगवान वाल्मीकि जी ने दुनिया को समानता और धर्म का संदेश दिया और हमें याद दिलाया कि मानवता सबसे ऊपर है।”
पंजाब को उपजाऊ भूमि और सांप्रदायिक सद्भाव की समृद्ध विरासत वाली भूमि बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब एक ऐसी भूमि है, जहां आप कोई भी बीज बोएंगे तो वह उग जाएगा, लेकिन यहां नफरत के बीज कभी नहीं उगते। हमारे लोग प्यार, खुशी और सांप्रदायिक सद्भाव के साथ मिलकर त्योहार मनाते हैं। एकता की यह भावना हमारी सबसे बड़ी ताकत है और हमें हर कीमत पर इसे बचाकर रखना चाहिए।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हमारी सरकार सरकारी शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चे भी अमीर परिवारों के बच्चों के साथ समानता के स्तर पर मुकाबला कर सकें। पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि गरीब विद्यार्थियों को उनके हक की प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति फंडों से वंचित रखा गया, जिससे जरूरतमंद परिवारों की आशाओं को ठेस पहुंची और योग्य बच्चों को आगे बढ़ने के अवसरों से वंचित किया गया।
उन्होंने कहा, “हमारी सरकार पिछड़े वर्गों के विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि शिक्षा सामाजिक न्याय का एक प्रभावशाली साधन बने। गरीबी के कारण किसी भी बच्चे को अवसरों से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए और किसी भी व्यक्ति के साथ कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के आदर्शों का सच्चा सम्मान एक ऐसे समाज का निर्माण करके ही किया जा सकता है, जहां हर व्यक्ति मान-सम्मान के साथ जी सके और हर परिवार कड़ी मेहनत और शिक्षा के माध्यम से बेहतर भविष्य की आशा रख सके। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे महर्षि भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाओं पर चलें और सामाजिक सद्भाव, सांप्रदायिक एकता और समानता को मजबूत करने के लिए एकजुट होकर काम करें।
