CM Bhagwant Mann: पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार के द्वारा बड़े कदम उठाए जा रहे हैं. जिसमें राज्य सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है. इसी कड़ी में सीएम मान के द्वारा चलाए जा रहे ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान आगे बढ़ रहा है. ये पंजाब की भगवंत मान सरकार द्वारा नशे के बढ़ते खतरे के खिलाफ चलाया गया एक प्रमुख जन आंदोलन और राज्यव्यापी अभियान है. सरकार की रणनीति केवल नशे की सप्लाई रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोकथाम , सूचना और इलाज पर भी जोर देती है. इस मुहिम की सफलता की जानकारी खुद पंजाब पुलिस ने सार्वजनिक रुप से दी है.
CM Bhagwant Mann सरकार का ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान तेजी से बढ़ रहा आगे
पंजाब पुलिस ने एक्स पर ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान की सफलता की जानकारी देते हुए लिखा कि,’ 614 दिन …पंजाब पुलिस पूरे राज्य में लक्षित कार्रवाई, व्यापक तलाशी अभियान और जागरूकता कार्यक्रमों के ज़रिए नशों के खिलाफ अपनी निरंतर लड़ाई जारी रखे हुए है.
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𝟔𝟏𝟒 𝐃𝐚𝐲𝐬 𝐨𝐟 #𝐘𝐮𝐝𝐡𝐍𝐚𝐬𝐡𝐢𝐚𝐧𝐕𝐢𝐫𝐮𝐝𝐡
Punjab Police continues its unwavering fight against drugs through targeted actions, extensive search operations, and awareness initiatives across the state.
Committed to building a safer, healthier and drug-free Punjab. https://t.co/4i56AVAgrk
— Punjab Police India (@PunjabPoliceInd) November 7, 2026
एक सुरक्षित, स्वस्थ और नशा-मुक्त पंजाब बनाने के लिए प्रतिबद्ध.’ पंजाब सरकार नशे के खिलाफ जंग अभियान राज्य से नशे की समस्या को पूरी तरह खत्म करने के लिए तेजी से आगे बढ़ रही है . मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रही इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को जागरूक करना और समाज को नशे के जाल से सुरक्षित निकालना है .
‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान की शुरुआत कब हुई?
इस अभियान की शुरुआत पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा 1 मार्च 2026 को की गई थी.अक्टूबर 2026 में मुख्यमंत्री मान ने इस जंग को पूरी तरह निर्णायक बनाने के लिए इसके अंतिम चरण के तहत एक राज्यव्यापी बाइक रैली को हरी झंडी भी दिखाई. अभी तक 90 हजार से ज्यादा लोगों पर अभियान के तहत कार्रवाई हो चुकी है. इसके साथ ही नशा तस्करों की करोड़ों की संपत्ति भी जब्त की जा चुकी है.
