Rahul Gandhi: मजदूरों का विरोध प्रदर्शन उग्र हो जाना पूरे देश में सुर्खियां बटोर रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर नोएडा हिंसा की चर्चा हो रही है। उचित मजदूरी के लिए सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों की रुख को लेकर सबके अपने-अपने तर्क हैं। इसी बीच राहुल गांधी ने मजदूरों को खुला समर्थन देने का ऐलान किया है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मैं हर उस मजदूर के साथ हूं, जो इस देश की रीढ़ है और जिसे सरकार ने बोझ समझ लिया है। राहुल गांधी ने इस दौरान लेबर कोड का विरोध करते हुए केन्द्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मुखर तौर पर कहा कि कल नोएडा की सड़कों पर जो हुआ, वो इस देश के श्रमिकों की आखिरी चीख थी।
नोएडा हिंसा के बाद मजदूरों के समर्थन में उतरे Rahul Gandhi
राहुल गांधी ने नोएडा में हुई मजदूरों के हिंसात्मक विरोध प्रदर्शन के बाद मजदूरों को समर्थन देने का ऐलान किया है।
कल नोएडा की सड़कों पर जो हुआ, वो इस देश के श्रमिकों की आख़िरी चीख़ थी – जिसकी हर आवाज़ को अनसुना किया गया, जो मांगते-मांगते थक गया।
नोएडा में काम करने वाले एक मज़दूर की ₹12,000 महीने की तनख्वाह,₹4,000-7,000 किराया। जब तक ₹300 की सालाना बढ़ोतरी मिलती है, मकान मालिक ₹500…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) April 14, 2026
मजदूरों की हक का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने केन्द्र पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि “कल नोएडा की सड़कों पर जो हुआ, वो इस देश के श्रमिकों की आखिरी चीख थी। जिसकी हर आवाज को अनसुना किया गया, जो मांगते-मांगते थक गया। नोएडा में काम करने वाले एक मजदूर की 12000 महीने की तनख्वाह, 4000-7000 किराया। जब तक 300 की सालाना बढ़ोतरी मिलती है, मकान मालिक 500 सालाना किराया बढ़ा देता है।”
महंगाई का जिक्र करते हुए राहुल गांधी लिखते हैं कि “तनख्वाह बढ़ने तक ये बेलगाम महंगाई जिदगी का गला घोंट देती है, कर्ज की गहराई में डुबा देती है – यही है विकसित भारत का सच। एक महिला मजदूर ने कहा – गैस के दाम बढ़ते हैं, पर हमारी तनख्वाह नहीं। इन लोगों ने शायद इस गैस संकट के दौरान अपने घर का चूल्हा जलाने के लिए 5000 का भी सिलेंडर खरीदा होगा।”
वैश्विक घटनाक्रम को लेकर राहुल गांधी लिखते हैं कि “यह सिर्फ नोएडा या भारत की बात नहीं है। दुनियाभर में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं – पश्चिम एशिया में युद्ध की वजह से सप्लाई चेन टूट गई है। मगर, अमेरिका के टैरिफ वॉर, महंगाई, टूटती सप्लाई चेन – इसका बोझ मोदी जी के मित्र उद्योगपतियों पर नहीं पड़ा। इसकी सबसे बड़ी मार पड़ी है उस मजदूर पर जो दिहाड़ी कमाता है, तभी रोज खाता है।”
लेबर कोड का जिक्र कर केन्द्र सरकार पर साधा निशाना
केन्द्र के खिलाफ मुखर रहने वाले राहुल गांधी ने एक बार फिर नोएडा में हुई हिंसा के बाद लेबर कोड का जिक्र कर निशाना साधा है।
सरकार के एक फैसले की याद दिलाते हुए राहुल गांधी ने लिखा कि “मोदी सरकार ने 4 लेबर कोड जल्दबाजी में बिना संवाद नवंबर, 2025 से लागू कर, काम का समय 12 घंटे तक बढ़ा दिया। जो मजदूर हर रोज 12-12 घंटे खड़े होकर काम करता है फिर भी बच्चों की स्कूल फीस कर्ज लेकर भरता है – क्या उसकी मांग गैरवाजिब है? जो उसका हक हर रोज मार रहा है – वो विकास”कर रहा है?”
नोएडा में प्रदर्शनाकारी मजदूरों को समर्थन देते हुए राहुल गांधी लिखते हैं कि “नोएडा का मजदूर 20000 मांग रहा है। यह कोई लालच नहीं। यह उसका अधिकार, उसकी जिंदगी का एकमात्र आधार है। मैं हर उस मजदूर के साथ हूं जो इस देश की रीढ़ है और जिसे इस सरकार ने बोझ समझ लिया है।” राहुल गांधी की ये मुखर अदा सुर्खियों में है और नोएडा विरोध प्रदर्शन को लेकर खबरें तेजी से बनने लगी हैं।






