Rain Alert 19 March 2026: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश, तूफान से बदलेगा मौसम, तो बिहार में किसानों पर टूटेगा दुखों का पहाड़; देखें वेदर रिपोर्ट

Rain Alert 19 March 2026: भारतीय मौसम विभाग ने 19–20 मार्च 2026 को देश के कई हिस्सों में मौसम में बड़े बदलाव की चेतावनी जारी की है।

Rain Alert 19 March 2026

फाइल फोटो

Rain Alert 19 March 2026: भारतीय मौसम विभाग ने 19–20 मार्च 2026 को देश के कई हिस्सों में मौसम में बड़े बदलाव की चेतावनी जारी की है। इस समय एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होकर उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है, जिससे दिल्ली‑एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में बारिश, आंधी‑तूफान और तेज़ हवाओं का खतरा बढ़ गया है। विशेष रूप से, दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें शाम‑रात के समय हल्की से मध्यम बारिश, गरज‑चमक और तेज हवाओं का अनुमान है। चलिए आपको बताते है देशभर का वेदर रिपोर्ट कैसा रहने वाला है?

दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश का येलो अलर्ट 

विभाग के मुताबिक सुबह के समय – हल्की से मध्यम बारिश, बिजली कड़कने के साथ गरज और तेज़ हवाएँ (30-40 किमी प्रति घंटा), दोपहर के समय – हल्की से मध्यम बारिश, बिजली कड़कने के साथ गरज और तेज़ हवाएँ (30-40 किमी प्रति घंटा), शाम के समय – हल्की से मध्यम बारिश, बिजली कड़कने के साथ गरज और तेज़ हवाएँ (30-40 किमी प्रति घंटा), रात के समय – हल्की से मध्यम बारिश, बिजली कड़कने के साथ गरज और तेज़ हवाएँ 30-40 किमी प्रति घंटा चलने की उम्मीद है।

19 से 22 मार्च के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज, बिजली और तेज हवाओं (30-50 किमी प्रति घंटा) के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 20 और 21 मार्च को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।

बिहार में किसानों पर टूटेगा दुखों का पहाड़

पूर्वी भारत में बना मौसम का सिस्टम धीरे‑धीरे बिहार की ओर भी असर दिखा रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में बारिश, गरज और तेज़ हवाओं की चेतावनी दी है, जिससे खेती‑बाड़ी पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है।

खासकर जहां गेहूं, सरसों और अन्य सरदी की फसलों को काटने या भंडारण के लिए तैयार किया जा रहा था, वहाँ इस अप्रत्याशित बारिश और हवा से फ़सल को नुकसान होने की आशंका बढ़ सकती है। तेज हवाओं से खेतों में रखे उपकरण, भंडारण सामग्री तथा डली‑डंडे वाले फलों को नुकसान पहुँचने का जोखिम भी बना रहता है। यानि यह साफ है कि अगर बारिश ज्यादा रहती है, तो किसानों को दिक्कतें आ सकती है।

 

Exit mobile version