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Tamil Nadu News: उत्तर भारत के बाद दक्षिण में भी आधी आबादी पर दाव! करोड़ों महिलाओं तक पहुंचे 5000 रुपए, क्या चुनाव पर पड़ेगा असर?

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Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

Tamil Nadu News: तमाम ऐसे मीडिया रिपोर्ट और राजनीतिक विशेषज्ञों की राय आपने सुनी होगी जिसमें उत्तर और दक्षिण की सियासत में भिन्नता का जिक्र होता है। कथन के मुताबिक दक्षिण भारत में साक्षरता दर अधिक है जिसको लेकर उत्तर की तुलना में वहां मुद्दे बदल जाते हैं। हालांकि, हकीकत कुछ अलग नजर आ रही है। ताजा मामला तमिलनाडु सरकार की एक स्कीम से जुड़ा है। दरअसल, सीएम एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली सरकार ने कलाइग्नार महिला पात्रता योजना के तहत 1.31 करोड़ महिलाओं को 5000 रुपए की वित्तिय सहायदा देने की घोषणा की है।

स्टालिन सरकार ने फरवरी से तीन महीने की अग्रिम राशि लाभार्थियों के खाते में जारी करा दी है। इससे पूर्व उत्तर भारत में स्थित बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी महिला वोटर्स को साधते हुए उन्हें वित्तिय सहायता देने का प्रावधान देखा जा चुका है। यही वजह है कि स्टालिन सरकार के फैसले को चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। क्या इसका असर तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 पर देखने को मिलेगा? आइए इस सवाल का जवाब ढूंढ़ने की कोशिश करते हैं।

उत्तर भारत के बाद दक्षिण में भी आधी आबादी पर दाव!

तमिलनाडु की सत्ता में काबिज सीएम एमके स्टालिन ने राज्य की 1.31 करोड़ महिलाओं के खाते में 5000 रुपए जारी करने के निर्देश दिए हैं। आधी आबादी को ये वित्तिय सहायता कलाइग्नार महिला पात्रता योजना के अंतर्गत दी जा रही है। इस योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को 1000 रुपए की मासिक सहायता दी जाती है। डीएमके सरकार ने सपष्ट किया है कि फरवरी से तीन महीने की अग्रिम राशि के रूप में यह रकम दी गई है। ऐसा इसलिए किया गया है, ताकि महिलाओं को मिलने वाली सहायता बाधित न हो। तमिलनाडु सरकार के इस कदम से आधी आबादी पर दाव लगाने की बात कही जा रही है।

दरअसल, इससे पूर्व उत्तर भारत में राजनीतिक दलों को ऐसा करते देखा जा चुका है। बिहार में जहां नीतीश सरकार ने माई बहिन मान योजना के तहत महिलाओं को साधने का काम किया। वहीं झारखंड में मुख्यमंत्री मैया सम्मान योजना ने हेमंत सोरेन की सत्ता वापसी में अहम भूमिका निभाई। मध्य प्रदेश की लाडली बहना योजना की ख्याति भला किससे छिपी है। हरियाणा में भी लाडो लक्ष्मी योजना का असर देखने को मिल चुका है। महाराष्ट्र का जिक्र करें तो महायुति को मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना का लाभ मिला। इसी तर्ज में तमिलनाडु सरकार ने भी महिलाओं को साधते हुए उन्हें तोहफा दिया है जिसे बड़ा दाव माना जा रहा है।

क्या विधानसभा चुनाव पर भी पड़ेगा असर?

दक्षिण में स्थित तमिलनाडु में इसी वर्ष विधानसभा चुनाव संपन्न होने हैं। चुनाव कब होंगे इसकी आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। हालांकि, उससे पूर्व सियासी उठा-पटक का दौर जारी है। तमिलनाडु सरकार द्वारा महिलाओं को वित्तिय सहायता देने का लाभ क्या चुनाव में मिलेगा? इस सवाल का पुख्ता जवाब चुनाव परिणाम के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। दरअसल, इससे पूर्व मध्य प्रदेश, हरियाणा, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र व अन्य राज्यों में महिलाओं के लिए संचालित योजना का सीधा लाभ राजनीतिक दलों को मिल चुका है।

यही वजह है कि डीएमकी सरकार की पहल को चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। इसका असर क्या होगा ये चुनाव परिणाम के बाद स्पष्ट होगा। हालांकि, ये जरूर तय है कि सीएम एमके स्टालिन ने कलाइग्नार महिला पात्रता योजना के तहत 1.31 करोड़ महिलाओं के खाते में वित्तिय सहायता उपलब्ध करा कर बड़ा सियासी दाव खेल दिया है।

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