S Jaishankar: संयुक्त राष्ट्र महासंघ के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए भारत के विदेश मंत्री ने एक बार फिर पाकिस्तान की बत्ती गुल कर दी जहां आतंकवाद पर उन्होंने कुछ इस तरह तंज कसा कि पड़ोसी मुल्क के होश उड़ गए। न्यूयॉर्क में ग्लोबल स्टेज पर पाकिस्तान की धज्जियां उड़ा दी और यहां तक कह दिया कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहने वाली है। अगर कोई सीमा पार देश आतंकवाद के लिए जिम्मेदार पाया जाता है तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एस जयशंकर ने साफ तौर पर कहा कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए आतंकवाद के विरोध अपनी नीति से कभी पीछे नहीं रहेगा।
जीरो टॉलरेंस नीति को लेकर क्या बोले विदेश मंत्री
🇮🇳🇺🇳 NO NAMES. NO DOUBTS.
At the UNGA, S. Jaishankar delivered a pointed message without naming Pakistan.
“Yesterday a serial practitioner of terrorism misrepresented facts before this Assembly.”
He made India’s position clear: terrorism cannot be normalized, and India will… pic.twitter.com/FNoC1oxTkG
— Batman (@BatPhoenix07) September 27, 2026
एस जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद और दोस्ती एक साथ नहीं चल सकती। अगर कोई पड़ोसी देश भारत के साथ रिश्ते अच्छा करना चाहता है तो उसे आतंकवाद फैलाने से रुकना होगा तभी वह हमारे साथ संबंध बना सकेगा क्योंकि आतंकवाद को किसी भी तरह से बर्दाश्त नहीं दिया जाएगा। इसके लिए जीरो टॉलरेंस नीति हमेशा भारत में जारी रहने वाला है।
अपराध और आतंकवाद को लेकर S. Jaishankar का पाकिस्तान को सीधा संदेश
वैश्विक मंच से एस जयशंकर ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि “आतंकवाद के अपराधी वैश्विक मंच पर खुद को बेकसूर दिखाने और आतंकवाद को सामान्य ठहरने के लिए अजीबोगरीब बातें कर रहे थे जो बिल्कुल स्वीकार नहीं है। ऐसे देश के कारनामे को माफ नहीं किया जा सकता है। पाकिस्तान का नाम लिए बिना एक साफ़ संदेश दिया। “कल आतंकवाद के एक सीरियल प्रैक्टिशनर ने इस असेंबली के सामने गलत बातें बताईं।” उन्होंने कहा आतंकवाद को नॉर्मल नहीं किया जा सकता और भारत अपनी रक्षा के अपने अधिकार का इस्तेमाल करता रहेगा।
आतंकवाद को लेकर एस जयशंकर का रुख
एस जयशंकर ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि सीमा पार से मिलने वाले आतंकवाद को किसी की भी कीमत पर भारत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शांति और दोस्ती तभी संभव है जब आतंकवाद के प्रचार को पनाह देना बंद किया जाएगा।
