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SIR 2025: बड़ी राहत! चुनाव आयोग ने सभी राज्यों में एसआईआर को इतने दिन के लिए बढ़ाया, अब हर वैध वोटर को मिलेगा अधिक समय

SIR 2025: ईसीआई यानी भारतीय चुनाव आयोग ने एसआईआर की प्रक्रिया को 7 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। इससे सभी योग्य वोटर्स को बड़ी राहत मिलेगी।

SIR 2025
SIR 2025, Photo Credit: Google

SIR 2025: ईसीआई यानी भारतीय चुनाव आयोग ने वोटर्स को बड़ी राहत दी है। ईसीआई ने एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की प्रक्रिया को 7 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। ईसीआई का मकसद है कि आने वाले सभी चुनावों से पहले यह साफ हो कि सभी वैध वोटर्स के नाम चुनावी लिस्ट में शामिल हैं। ईसीआई के इस फैसले से वर्तमान में 12 राज्यों और केंद्र शासित में चल रही एसआईआर का काम एक हफ्ते तक आगे बढ़ जाएगा।

SIR 2025 की प्रक्रिया इन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश में जारी

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मौजूदा वक्त में एसआईआर 2025 का काम अंडमान और निकोबार आइलैंड्स, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में चल रहा है। चुनाव आयोग का नया आदेश इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे पुराने आदेश की जगह लेगा।

एसआईआर 2025 का काम 7 दिनों के लिए बढ़ाया गया

चुनाव आयोग द्वारा बढ़ाई गई टाइमलाइन के मुताबिक, गिनती का समय 11 दिसंबर 2025 तक बढ़ाया गया है। पहले यह तारीख 4 दिसंबर 2025 तक थी। पोलिंग स्टेशनों को ठीक करना और फिर से व्यवस्थित करने का काम भी 11 दिसंबर 2025 तक होगा। कंट्रोल टेबल का अपडेट और ड्राफ्ट रोल तैयार करने का कार्य 12–15 दिसंबर 2025 तक किया जाएगा। ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल का पब्लिकेशन 16 दिसंबर 2025 को किया जएगा। किसी भी तरह के दावे और आपत्तियां फाइल करने का समय 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक रखा गया है। इसके बाद नोटिस फेज का काम 16 दिसंबर 2025 से 7 फरवरी 2026 के दौरान इलेक्शन रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा किया जाएगा।

आखिर क्या है एसआईआर और क्यों जरूरी?

एसआईआर चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। चुनाव आयोग इसके जरिए वोटर लिस्ट अपडेट करना चाहता है। इसमें 18 साल से ज्यादा के नए वोटर्स को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है, जो लोग दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं। वोटर लिस्ट में नाम, पते में हुई गलतियों को भी ठीक किया जाता है। बीएलओ घर-घर जाकर खुद फॉर्म भरवाते हैं।
चुनाव आयोग के मुताबिक, 1951 से लेकर 2004 तक का एसआईआर हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इतने लंबे समय के दौरान लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। मौत के बाद भी वोटर लिस्ट में नाम होना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना।

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