SIR Controversy: उत्तर प्रदेश और पंजाब में होने वाले चुनाव से पहले सियासी बदलाव क्या बीजेपी के लिए मुश्किलें बढ़ाने वाली होगी। चुनाव आयोग और एसआईआर कंट्रोवर्सी को लेकर बीजेपी के खिलाफ विपक्ष एकजुट नजर आ रहे हैं। लगातार एक के बाद एक विरोध प्रदर्शन देखा जा रहा है। इंडिया गठबंधन लगातार केंद्र सरकार पर वार करने में पीछे नहीं है। इस सब के बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या यह राजनीति में विपक्ष के लिए फायदेमंद साबित होगा और बीजेपी के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
क्यों केंद्र के खिलाफ विपक्ष ने खोला मोर्चा
ज्ञानेश कुमार को लेकर एक तरफा फैसला लेने और मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर विपक्ष का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं इस सब के बीच देश में बढ़ती महंगाई, युवाओं में बेरोजगारी और ग्रामीण इलाकों में आर्थिक तंगी को लेकर भी लोगों में गुस्सा देखा जा रहा है। ऐसे में क्या आने वाले चुनाव में इन सभी मुद्दों से बीजेपी को नुकसान हो सकता है। क्या एसआईआर कंट्रोवर्सी के साथ-साथ बेरोजगारी और महंगाई मुश्किलें साबित करने वाली है।
SIR Controversy क्यों सियासी भूचाल बढ़ाया
जहां केंद्र सरकार के खिलाफ विपक्षी इंडिया गठबंधन का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। जहां विपक्ष को निश्चित तौर पर युवाओं का समर्थन फिलहाल मिल रहा है। जिस तरह से पुलिस हिरासत में प्रदर्शनकारियों को ले रही है इससे माहौल और भी गरमा उठा है। विपक्ष का सिर्फ यह कहना है कि जंतर मंतर पर तिरंगा फहराकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते हैं जिसे कोई अपराध नहीं माना जाता है। ऐसे में विशेषज्ञों का यह मानना है कि यह आगामी चुनाव में बड़ा सियासी बदलाव लाने के लिए काफी होगा और बीजेपी का वोट कट सकता है।
गौरतलब है कि विपक्ष का हल्ला बोल थमने का नाम नहीं ले रहा है जहां पहले नीट में धांधली को लेकर विरोध प्रदर्शन जंतर मंतर पर देखा गया था। इसके साथ ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा को लेकर एक आक्रोश नजर आया था। वहीं फिलहाल चुनाव आयोग के SIR सूची में गड़बड़ी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विरोध प्रदर्शन देखा जा रहा है। इसे लेकर इंडिया गठबंधन बीजेपी के सामने है।







