Sugar Price Hike: देशभर में चीनी की कीमतों में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है। बीते एक महीने में Sugar Price Hike होकर 45 रूपये से 70 रूपये तक पहुंच चुका है। इसकी बीच सरकार की तरफ से कड़े आदेश जारी किए गए है। चीनी के बाद प्याज के दामों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। गौरतलब है कि अब इस मुद्दे पर सियासत गरमा गई है।
विपक्ष लगातार हमलावर नजर आ रहा है। चीनी की कीमतों में उछाल के बीच, सरकार ने सोमवार को कच्चे चीनी के आयात नियमों में संशोधन किया ताकि जमाखोरी को रोका जा सके। इसके लेकर खुद वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की तरफ से एक अधिसूचना जारी किया गया है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
Sugar Price Hike के बीच केंद्र सरकार की बड़ा आदेश
जारी अधिसूचना के मुताबिक TRQ के तहत आयात की गई कच्ची चीनी को आयात के बाद उचित समय के भीतर सफेद/रिफाइंड चीनी में प्रोसेस किया जाएगा और, किसी भी स्थिति में, इसे 31 अक्टूबर 2026 तक घरेलू बाजार में बेचने के लिए पर्याप्त समय पहले प्रोसेस किया जाएगा। लेकिन अब केंद्र सरकार ने बदलाव किया गया है।
जिसमे लिखा गया है कि TRQ के तहत आयात की गई कच्ची चीनी को आयात के बाद उचित समय के भीतर सफेद/रिफाइंड चीनी में प्रोसेस किया जाएगा, बशर्ते कि आयातक कच्ची चीनी को सफेद/रिफाइंड चीनी में बदलेगा और बिल ऑफ एंट्री दाखिल करने की तारीख से दो महीने से अधिक न होने वाली अवधि के भीतर इसे घरेलू बाजार में बेचेगा।”
सरकार ने उठाए ये अन्य कदम
चीनी की कीमतों को नियंत्रित रखने और घरेलू बाजार में पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इनमें कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति और बाजार में उपलब्धता बढ़ाने के प्रयास शामिल हैं। सरकार ने करीब 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी है।
इसके अलावा, सरकार चीनी मिलों के स्टॉक और बिक्री पर भी नजर रख रही है। इससे बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने और जमाखोरी पर अंकुश लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि लगातार बढ़ते दाम ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अगर स्थिति ऐसी ही रही तो आने वाले दिनों में मिठाई के दामों में बढ़ोतरी हो सकती है।
