Sugar Price Hike: भारत के ज्यादातर घरों में सुबह की शुरूआत चाय से होती है। लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि चाय की मिठास फीकी पड़ने वाली है। दरअसल चीनी के दाम लगातार आसमान छूं रहे है। जानकारी के मुताबिक प्रति किलो चीनी 65 रूपये पहुंच चुका है। सावन का पवित्र महीना जारी है।
माना जाता है कि इस महीने से त्योहारों का सीजन शुरू हो जाता है। लगातार बढ़ रहे दाम ने आम लोगों के साथ-साथ मिठाई वाले दुकानदारों की टेंशन बढ़ा दी है। हालांकि सरकार की तरफ से तुरंत संज्ञान लिया गया है और एक आदेश जारी कर दिया गया है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
Sugar Price Hike के बीच केंद्र सरकार का बड़ा एक्शन
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक “स्थानीय बाज़ार में चीनी की बढ़ती कीमतों को देखते हुए, सरकार ने गुरुवार को टैरिफ रेट कोटा के तहत 31 अक्टूबर तक 10 लाख टन कच्ची चीनी के ड्यूटी-फ्री आयात की मंज़ूरी दे दी। इस कदम का मकसद घरेलू उपलब्धता बढ़ाना और कीमतों में बढ़ोतरी को रोकना है।
STORY | Govt allows free imports of 10 lakh tn raw sugar until Oct 31; caps sugar stock for bulk consumers
The government on Thursday allowed duty-free imports of 10 lakh tonnes of raw sugar under a tariff rate quota till October 31 amid rising prices of the sweetener in local… pic.twitter.com/xElQ7f5bxm
— Press Trust of India (@PTI_News) August 20, 2026
कीमतों को नियंत्रित करने के लिए, सरकार ने उन बड़े उपभोक्ताओं पर स्टॉक रखने की सीमा भी तय की है जो महीने में 10 टन से ज़्यादा चीनी का इस्तेमाल करते हैं; उनके लिए स्टॉक की सीमा 15 दिन की खपत के बराबर रखी गई है”।
मिडिल क्लास की बढ़ सकती है मुसीबत
खुदरा महंगाई दर में जबरदस्त बढ़ोतरी के बाद अब इसका असर खाद पदार्थों पर भी देखने को मिल रहा है। दरअसल चीनी, दाम समेत कई खाने पीने की चीजों में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिल रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में मिडिल क्लास लोगों की चिंता बढ़ सकती है।
इसके अलावा त्योहार आने वाले है, जिससे मिठाई के दामों में भी इजाफा होना तय है। यानि यह तो साफ है कि अगर स्थिति ऐसी ही रही, तो आने वाले दिनों में दाम और बढ़ सकते है और मिडिल क्लास की जेब और ढीली हो सकती है।
