Sukhoi Su-30 Crash: मई 2017 से मार्च 2026 तक! पिछले 5 में से तीन बार असम की धरती पर हुआ विमान हादसा, जानें कब-कब हुआ क्रैश?

असम के जोरहट से करीब 60 किमी दूर पहाड़ी इलाके में Sukhoi Su-30 Crash की घटना ने देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दुखद विमान हादसे में दो पॉयलट के निधन होने की खबर है।

Sukhoi Su-30 Crash

Picture Credit: गूगल (सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान - सांकेतिक तस्वीर)

Sukhoi Su-30 Crash: असम के जोरहाट में हुए लड़ाकू विमान हादसे ने देश को फिर झकझोर दिया है। भारतीय वायु सेना की रीढ़ माने जाने वाले सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान का दुर्घटनाग्रस्त होना एक बड़ी क्षति है। इस दुखद क्रैश में स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरगकर की जान चली गई।

असम के जोरहाट से करीब 60 किमी दूर कार्बी आंगलोंग इलाके में हुए लड़ाकू विमान हादसे ने अतीत का पन्ना पलटने पर मजबूर कर दिया है। इससे पूर्व भी मई 2017 से अब तक 4 बार सुखोई-30 लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो चुका है। ये पांचवा मौका है जब सुखोई-30 फाइटर जेट हादसे की भेंट चढ़ा है। ऐसे में आइए हम आपको सिलसिलेवार ढ़ंग से लड़ाकू विमान हादसे से जुड़े डिटेल बताते हैं।

पिछले 5 में से तीन बार असम की धरती पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ फाइटर जेट! 

गुरुवार यानी 5 मार्च को असम के जोरहाट से करीब 60 किमी दूर पहाड़ी इलाका कार्बी आंगलोंग में सुखोई-30 फाइटर जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दुखद हादसे में दो विमान सवारों की मौत हुई। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा निर्मित सुखोई-30 फाइटर जेट के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद इसको लेकर तमाम तरह के सवाल उठ रहे हैं।

इसका प्रमुख कारण अतीत में हुए कुछ विमान हादसे भी हैं। इससे पूर्व अगस्त 2019 में प्रशिक्षण के दौरान ही असम के तेजपुर में सुखोई-30 फाइटर जेट क्रैश हुआ था।गनीमत रही कि इस हादसे में पॉयलट की जान बच गई थी। वहीं 23 मई 2017 को असम के तेजपुर एयरबेस से उड़ाने भरने के बाद अरुणाचल प्रदेश के घने जंगल वाले इलाके में सुखोई-30 विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था।

इस हादसे में स्कवाड्रन लीडर डी पंकज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट एस अचुदेव का दुखद निधन हुआ था।  ऐसे में पिछले पांच में तीन बार सुखोई-30 फाइटर जेट असम की धरती से उड़ान भरने के बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं।

राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी हो चुका है Sukhoi Su-30 Crash हादसा

मार्च 2017 की बात है जब राजस्थान के बाड़मेर में सुखोई-30 फाइटर जेट दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। ये हादसा रूटीन ट्रेनिंग के दौरान राजस्थान के बाड़मेर में स्थित शिवकर गांव के निकट हुई थी। हादसा इतना विभत्स था कि विमान के परखच्चे उड़ गए थे।

इससे इतर जनवरी 2023 में ग्वालियर वायुसेना अड्डे से उड़ान भरने के बाद एक सुखोई-30 जेट एमपी के मुरैना में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। रूटीन ट्रेनिंग के दौरान हुए इस हादसे में 1 पॉयलट की मौत हुई थी जबकि दो को सुरक्षित बचाया गया था। ऐसे में आंकड़े दर्शाते हैं कि कैसे मार्च 2017 से मार्च 2026 तक सुखोई-30 फाइटर जेट पांच बार हादसे का शिकार बन चुका है।

Exit mobile version